सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, निवेशकों को राहत
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सोमवार को बुलियन पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमत 1040 रुपये गिरकर 2.27 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 1050 रुपये गिरकर 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
वैश्विक बाजार में सोने-चांदी का हाल
वैश्विक बाजार में सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। बढ़ती ऊर्जा कीमतों ने महंगाई की चिंताओं को बढ़ा दिया है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर पड़ी हैं। इसी वजह से निवेशकों का रुझान सोने से हटता दिख रहा है। स्पॉट गोल्ड 0.6% गिरकर 4,466.99 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.6% गिरकर 4,496.30 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। स्पॉट सिल्वर 1.3% गिरकर 68.67 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। अन्य कीमती धातुओं की बात करें तो प्लैटिनम 0.3% बढ़कर 1,868.11 डॉलर और पैलेडियम 1% चढ़कर 1,391 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
मार्च के महीने में सोना 15% से अधिक टूटा
मार्च महीने में सोने में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। कीमतें अब तक 15% से ज्यादा टूट चुकी हैं, जो अक्तूबर 2008 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट है। इस गिरावट के पीछे अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मुख्य वजह माना जा रहा है। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बाद डॉलर में 2% से ज्यादा की मजबूती आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार में ब्याज दरों को लेकर धारणा में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां इस साल दो बार दर कटौती की उम्मीद थी, अब ट्रेडर्स को इसकी संभावना बेहद कम नजर आ रही है। ऊंची ऊर्जा कीमतें महंगाई को बढ़ा सकती हैं, जिससे फेड के लिए नीतिगत ढील देना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, आमतौर पर महंगाई बढ़ने पर सोना सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के तौर पर मजबूत होता है, लेकिन ऊंची ब्याज दरें इस गैर-ब्याज देने वाली धातु की मांग को कमजोर कर देती हैं।
ब्रेंट क्रूड का भाव 115 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
इसी बीच, कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो मार्च में करीब 60% की रिकॉर्ड बढ़त को दर्शाता है। यह तेजी यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इस्राइल पर हमलों के बाद आई है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बयान दिया है कि वह ईरान के तेल संसाधनों पर नियंत्रण चाहते हैं और खार्ग द्वीप जैसे प्रमुख निर्यात केंद्र को कब्जे में लेने की बात कही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले हफ्ते सोने में आई हल्की रिकवरी ओवरसोल्ड स्थिति की प्रतिक्रिया हो सकती है, लेकिन आगे की दिशा बाजार में आने वाली खबरों और वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। फिलहाल, बाजार में अस्थिरता बने रहने की संभावना है।

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