डायल 112 कॉन्ट्रैक्ट विवाद पर कोर्ट का फैसला, EMRI को मिली बड़ी जीत
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में डायल 112 के 972 करोड़ के ठेके पर हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. हाई कोर्ट ने सिकंदराबाद की EMRI (Green Health Services )को मिला ठेका बरकरार रखा है. इसके साथ ही BVG India Limited की याचिका खारिज कर दी है. हाई कोर्ट ने कहा है कि इसमें कोई भी तथ्यात्मक गड़बड़ी नहीं है. कोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है. डायल 112 का ठेका 5 साल के लिए दिया गया है. इसके पहले याचिका करने वाली कंपनी 10 सालों तक सेवाएं दे चुकी है।
1200 वाहनों पर 972 करोड़ खर्च हुए थे
मध्य प्रदेश के 972 करोड़ के डायल 112 फेज 2 प्रोजेक्ट को लेकर मामला हाई कोर्ट पहुंचा था. कोर्ट में बताया गया था कि 1200 वाहनों पर कुल 972 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. जिसके बाद मामले पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी दी थी. कोर्ट ने सवाल करते हुए कहा था कि क्या आप डायल 112 में मर्सिडीज चला रहे हैं, जो कि इतना खर्च हो गया।
राज्य सरकार और कंपनी की दलील सुनने के बाद फैसला
वहीं 1200 वाहनों पर 972 करोड़ रुपये खर्च होने पर कोर्ट ने 6 करोड़ 29 लाख रुपए के सीएडी सॉफ्टवेयर के लिए जारी नए टेंडर पर अंतरिम रोक दी थी. वहीं पूरे मामले पर राज्य सरकार ने कोर्ट में दलील दी थी कि 972 करोड़ की कुल राशि में डायल 112 के वाहन नहीं हैं, बल्कि इसमें वाहन, उपकरण, डाटा सेंटर, तकनीकी ढांचा और अन्य परिचालन व्यवस्थाएं शामिल हैं. जबकि कंपनी का कहना था कि दिसंबर 2025 में सीएडी सॉफ्टवेयर के लिए अलग टेंडर जारी करना नियमों के विरुद्ध है।

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