मेरा सबकुछ नंद गोपाल का': बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए जमीन दान कर महिला ने पेश की मिसाल
उत्तर प्रदेश के मथुरा में बांके बिहारी कॉरिडोर को लेकर मामला काफी गर्माया हुआ है. एक तरफ जहां ठाकुर बांके बिहारी कॉरिडोर का लगातार विरोध किया जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ अब प्रशासन को समर्थन भी मिलने लगा है. कॉरिडोर के दायरे से प्रभावित होने वाले परिवार की एक महिला ने मथुरा जिला अधिकारी ने मुलाकात कर उन्हें अपना समर्थन दिया है. इस दौरान महिला के साथ उनके दो बेटे भी डीएम कार्यालय पहुंचे थे.
ठाकुर बांके बिहारी कॉरिडोर के दायरे में आने वाला एक 75 गज का मकान श्रीयति गोस्वामी के नाम पर है. सोमवार को श्रीयति अपने दो बेटे अंशुल और आकाश के साथ मथुरा जिलाधिकारी से मुलाकात करने पहुंची. यहां उन्होंने बांके बिहारी कॉरिडोर का समर्थन करते हुए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह से मुलाकात की. साथ ही अपने प्लाट के बिक्री संबंधी सहमति शपथ पत्र जिलाधिकारी को सौंपा दिया.
बांके बिहारी कॉरिडोर को मिला समर्थन
इस बारे में जानकारी देते हुए बांके बिहारी कॉरिडोर के दायरे में आने वाली मकान का मालकिन श्रीयति गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर बांके बिहारी के विकास के लिए मैंने अपनी जमीन की आहुति दी है. मैं सरकार और प्रशासन से मांग करती हूं कि मुझे उचित से उचित मुआवजा मिले. वहीं, इस बारे में जानकारी देते हुए मथुरा के जिलाधिकारी सीपी सिंह ने कहा कि ये बहुत ही सौभाग्य विषय है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कॉरिडोर बनाने के लिए जो आदेश दिए गए थे, उसमें आज एक स्थानीय व्यक्ति ने अपना समर्थन दिया गया है.
ब्रज वृंदावन देवालय समिति
उन्होंने एक समर्थन पत्र में हुए ठाकुर बांके बिहारी कॉरिडोर के दायरे में आने वाली अपनी जमीन देने की बात कही है. वहीं इसके बाद ब्रज वृंदावन देवालय समिति ने भी बांके बिहारी कॉरिडोर का समर्थन दिया गया है. देवालय समिति के अध्यक्ष आलोक कृष्ण गोस्वामी ने अपना समर्थन पत्र देकर कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु और गोस्वामियों के किसी भी प्रकार के अधिकार का अहित न होने के चलते ब्रज वृंदावन देवालय समिति ने मथुरा जिला प्रशासन और जिलाधिकारी को बांके बिहारी कॉरिडोर के समर्थन का पत्र दे रहे हैं.

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