बौद्ध भिक्षुओं को ब्लैकमेल करने के आरोप में महिला गिरफ्तार
लंदन । थाईलैंड में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला, विलावान एम्सावत, को कई बौद्ध भिक्षुओं को ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। महिला विलावान पर आरोप है कि उसने भिक्षुओं के साथ संबंध बनाए और फिर उनसे पैसे वसूलने का काम किया।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक मठाधीश ने अचानक अपना पद छोड़ने की घोषणा कर दी। पुलिस जांच में पता चला कि विलावान इस मठाधीश को ब्लैकमेल कर रही थी। आरोपी महिला ने मठाधीश के साथ अपने संबंध होने और गर्भवती होने का दावा किया और उनसे 222,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.85 करोड़ रुपये) की मांग की थी।
जांच में विलावान के बैंक खातों से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बीते तीन सालों में उसके खाते में कुल 11.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 102.33 करोड़ रुपये) आए हैं, जिनमें से अधिकतर पैसे बौद्ध भिक्षुओं द्वारा ट्रांसफर किए गए थे।
थाईलैंड में थेरवाद संप्रदाय के बौद्ध भिक्षु ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं और महिलाओं को छूना अपराध मानते हैं। इस मामले के सामने आने के बाद थाईलैंड के मठ प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं, खासकर मठों में दान में मिलने वाले पैसों के प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर। इस स्कैंडल में कम से कम 9 बौद्ध भिक्षुओं के नाम सामने आए हैं, जिन्हें मठ से निष्कासित कर दिया गया है। विलावान एम्सावत (35) को मंगलवार को बैंकॉक के पास नोनथाबुरी प्रांत से गिरफ्तार किया गया। उस पर ब्लैकमेलिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और चोरी के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने उसके फोन से कई भिक्षुओं के साथ चैट, फोटो और वीडियो भी बरामद किए हैं। विलावान ने एक बौद्ध भिक्षु के साथ संबंध होने की बात स्वीकार की है।

हरी खाद से बदल रही खेती की तस्वीर : कम लागत, बेहतर मुनाफा और स्वस्थ मिट्टी
शहीद के संघर्ष और बलिदान की गाथा भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा : राज्यपाल पटेल
चंबल के कछुए बने नमामि गंगे मिशन में मां गंगा के ‘प्राकृतिक सफाई-योद्धा’
अवैध खनन के मामले मेें जेसीबी सहित 5 वाहन जब्त
सरायपाली सीएचसी में सुरक्षित मातृत्व की ओर महत्वपूर्ण उपलब्धि तीसरा सफल सिजेरियन
काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित हुई विश्व की प्रथम “विक्रमादित्य वैदिक घड़ी”