चुनावी रणनीतिकारों को बिहार विधानसभा के मोर्चे पर तैनात करेगी पार्टी
भोपाल । आगामी महीनों में बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को जीताने के लिए मप्र के चुनावी रणनीतिकार मोर्चा संभालेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ सालों के दौरान अन्य राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मप्र के जिन नेताओं ने भाजपा को जीताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है उनकी सूची बनाई जा रही है। गौरतलब है कि किसी भी राज्य में चुनाव होते हैं तो भाजपा और उसके प्रत्याशियों के लिए काम करने मप्र से भी अनुभवी कार्यकर्ता चुनावी तैयारी के लिए भेजे जाते हैं। इसी कड़ी में बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए मप्र के अनुभवी कार्यकर्ताओं को भी वहां भेजा जाएगा। पूर्व जिलाध्यक्ष, पूर्व पदाधिकारी, पूर्व संगठन मंत्री और महिला कार्यकर्ताओं सहित लगभग 250 नेताओं की टीम बिहार भेजी जाएगी। कुछ मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को भी जिलों की कमान दी जाएगी। ये लोग वहां चुनाव से पहले बूथ प्रबंधन का काम देखेंगे। प्रदेश के संगठन क्षमता वाले कार्यकर्ताओं का पार्टी कई राज्यों में उपयोग करती रही है।
अनुभवी कार्यकर्ताओं को भेजती है पार्टी
भाजपा विधानसभा चुनाव में विभिन्न राज्यों से उन कार्यकर्ताओं को पहले ही बुला लेती है, जिन्हें कई राज्यों में चुनाव के दौरान सांगठनिक कार्यों का लंबा अनुभव हो। इन जमीनी कार्यकर्ताओं को विधानसभा क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक स्थिति के अनुसार रणनीति बनाने में महारत होती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार में इस बार राष्ट्रीय जनता दल सहित बिखरे हुए कुछ विपक्षी दलों के भाजपा के विरुद्ध अंदरूनी तौर पर एकजुट होने की संभावना से इनकार नहीं किया सकता है इसलिए पार्टी मजबूत रणनीति और तैयारी के साथ चुनाव में उतरना चाहती है। ऐसे में भाजपा संगठन की तैयारी में कोई कमी नहीं छोडऩा चाहेगी। हाल ही में बिहार दिवस पर वहां के नेताओं ने मप्र आकर एक भारत-श्रेष्ठ भारत का कार्यक्रम कर लोगों को जोडऩे का काम आरंभ कर दिया है ताकि ये लोग बिहार के अपने रिश्तेदारों को भाजपा के साथ जोड़ सकें। अलग-अलग क्षेत्र में भी दोनों राज्यों में रोटी-बेटी के संबंध वाले लोगों की संख्या बहुत है। यही वजह है कि प्रदेश के नेताओं को बिहार में अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा।
बूथ से लेकर जिलों में होगी तैनाती
मप्र से भेजे जाने वाले नेता-कार्यकर्ता बूथ से लेकर शक्ति केंद्र, मंडल और जिलों में तैनात किए जाएंगे। यहां संगठन को चुनावी तैयारियों के लिहाज से ये नेता-कार्यकर्ता प्रशिक्षित करेंगे। मेरा बूथ-सबसे मजबूत के लक्ष्य को बिहार भाजपा संगठन ने कितना प्राप्त किया है और उसमें यदि कुछ कमी रह गई है, तो इसका आकलन कर वहां के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी देंगे। परोक्ष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार चुनाव पर अभी से नजर रख रहे हैं। बता दें, मध्य प्रदेश से कुछ समय पहले हुए दिल्ली और उससे पहले गुजरात व झारखंड के विधानसभा चुनाव में भी कार्यकर्ताओं को भेजा गया था। मध्य प्रदेश के साथ इन राज्यों में भी रोटी-बेटी के संबंध वाले लोगों की संख्या बहुत है। गुजरात विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए 92 अनुभवी कार्यकर्ताओं को भेजा गया था। तब प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष जीतू जिराती और पूर्व संगठन मंत्री श्याम महाजन को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

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