कोलारस-बदरवास में बाढ़ से हालात गंभीर, 250 लोगों का रेस्क्यू
शिवपुरी में बाढ़ से तबाही, सिंधिया बोले- सेना ने संभाला मोर्चा, हर हालात पर पैनी नजर
शिवपुरी/गुना। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में भारी बारिश के चलते कोलारस और बदरवास क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सिंध नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात बिगड़ते देख सेना को राहत व बचाव कार्यों में लगाया गया है। अब तक 250 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 100 से अधिक लोग अब भी फंसे हुए हैं।
केंद्रीय मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने वायुसेना की मदद से हेलीकॉप्टर द्वारा एयरलिफ्ट कर बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की जानकारी दी। सिंधिया ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एयर वाइस मार्शल विक्रम गौड़ और एओसी मनीष शर्मा से चर्चा कर राहत कार्यों का समन्वय कराया।
सिंधिया ने सोशल मीडिया पर कहा—
"हर नागरिक की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। मैं ज़िला प्रशासन, एनडीआरएफ, वायुसेना और राज्य सरकार से लगातार संपर्क में हूं।" कोलारस में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र हैं, जहां सेना के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरकर हेलीकॉप्टर कोलारस में राहत कार्य में जुट गए हैं। साथ ही बरेली से भी एक हेलीकॉप्टर रवाना होने की सूचना है।
वर्चुअल समीक्षा बैठक में सिंधिया ने दिए निर्देश:
सिंधिया ने शिवपुरी, गुना और अशोकनगर जिलों के कलेक्टरों से वर्चुअल बैठक की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांवों में भोजन, पानी, चिकित्सा, नाव और हेलीकॉप्टर जैसी राहत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सिंधिया ने जनता से अपील की कि घबराएं नहीं, प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केन्द्र सरकार राज्य के साथ खड़ी है।

“शुरुआती पलों का आनंद…” — हैली स्टैनफेल्ड का इमोशनल पोस्ट
बीजेपी की पश्चिम बंगाल यात्रा: सियासी उठापटक और चुनौतियों की कहानी
भारत भड़का: होर्मुज स्ट्रेट घटना पर 60 देशों की बैठक में कड़ा संदेश
राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द, दतिया विधायक अब नहीं रहेंगे कांग्रेस सदस्य
AAP में उठे सवाल: राघव चड्ढा की अलग रणनीति और डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने की वजह
‘सीता’ के रोल पर साई पल्लवी का नाम, रणबीर ने तोड़ी चुप्पी
अचानक हमले से दहशत, बंदरों ने किया घायल
एक अस्पताल से दूसरे तक दौड़, मरीजों की जान खतरे में