एप्पल को पछाड़कर सेमसंग बनी दुनिया की नंबर वन मोबाइल कंपनी
मुंबई । दिग्गज टेक कंपनी एपल को पछाड़कर कोरियाई कंपनी सैमसंग दुनिया की नंबर वन मोबइल कंपनी बन गई है। वर्ष 2024 की पहली तिमाही में एपल के स्मार्टफोन शिपमेंट में 10 प्रतिशत की गिरावट हुई है। एक रिपोर्ट में जानकारी दी गई। रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से मार्च के बीच वैश्विक स्तर पर मोबाइल का शिपमेंट 7.8 प्रतिशत बढ़कर 28.9 करोड़ हो गया है। वहीं कोरियाई कंपनी सैमसंग का मार्केट शेयर इसमें 20.8 प्रतिशत का रहा है, जो कि एपल से ज्यादा है। एपल के आईफोन की बिक्री में दिसंबर तिमाही के जोरदार प्रदर्शन के बाद गिरावट देखने को मिली है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में सैमसंग को पछाड़ कर एपल दुनिया की नंबर वन मोबाइल कंपनी बन गई थी लेकिन बीती तिमाही में कंपनी 17.3 प्रतिशत के मार्केट शेयर के बाद दोबारा से दूसरे नंबर पर आ गई है। चीनी मोबाइल ब्रांड शाओमी 2024 की पहली तिमाही में 14.1 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर कायम है। वहीं अन्य चीनी ब्रांड हुआवेई जैसे चीनी ब्रांडों के मार्केट शेयर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सैमसंग की ओर से साल की शुरुआत में अपना नवीनतम फ्लैगशिप स्मार्टफोन लाइनअप गैलेक्सी एस 24 सीरीज को लॉन्च किया था। इस अवधि के दौरान 60 मिलियन से अधिक फोन शिप किए हैं। डस बीच एप्पल ने 50.1 मिलियन आईफोन की शिपिंग की, जो पिछले साल की समान अवधि की 55.4 मिलियन यूनिट से कम है। गौरतलब है कि एपल के मोबाइल के शिपमेंट में गिरावट चीनी सरकार के उस निर्णय के बाद आई है, जब चीनी कंपनियों और सरकारी एजेंसियों में एपल के मोबाइल उपयोग को सीमित :कर दिया गया है।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (18 फ़रवरी 2026)
योग से सशक्त होगा युवा वर्ग, शिक्षा के साथ स्वास्थ्य भी आवश्यक :रूपनारायण सिन्हा
सरगुजा जिले में पीएम आवास निर्माण ने पकड़ी रफ्तार
छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा
श्रमिक जन संवाद/श्रमिक सम्मेलन का हुआ आयोजन
मुद्रा लोन से साकार हुआ सपना, बुढाडांड की प्रीति गुप्ता बनीं लखपति दीदी
बड़वानी जिले को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने के लिये कृषि उन्नयन संवाद का हुआ आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुलैथ में बुधवार को कृषक कल्याण वर्ष के पहले किसान सम्मेलन का करेंगे शुभारंभ
हरदा के डायल-112 हीरोज: सूझबूझ और साहस से टली बड़ी दुर्घटना
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियमों पर मंथन