PNG गैस को लेकर भोपाल में बढ़ी नाराजगी, उपभोक्ता परेशान
भोपाल। एलपीजी की किल्लत और सरकार के अल्टीमेटम के बाद शहर में पीएनजी (PNG) गैस को लेकर हलचल तेज हो गई है. प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि जहां पाइप्ड गैस लाइन पहुंच चुकी है, वहां उपभोक्ताओं को कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा, अन्यथा भविष्य में एलपीजी सप्लाई बंद हो सकती है. इसके बावजूद लोगों में PNG को लेकर भरोसा अभी भी कमजोर नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताईं समस्याएं
भोपाल की आकृति ग्रीन सोसाइटी में लोगों ने बताया कि जिनके घर PNG कनेक्शन है या जो इसे लेने की तैयारी में हैं. उनका कहना है कि इस सुविधा से जुड़ी कई तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं, जिससे लोगों का भरोसा पूरी तरह बन नहीं पा रहा है. लोगों का कहना है कि कई बार गैस का प्रेशर बेहद कम होता है, जिससे खाना पकाने में काफी समय लगता है. यह समस्या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है और लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
रिचार्ज सिस्टम भी बना चिंता का कारण
PNG कनेक्शन का रिचार्ज सिस्टम भी लोगों के लिए बड़ी समस्या बनकर सामने आया है. उपभोक्ताओं का कहना है कि रिचार्ज घर से ही करना पड़ता है. अगर कोई बाहर है और घर में गैस खत्म हो जाती है, तो उसे वापस आकर ही रिचार्ज करना होगा, जिससे असुविधा बढ़ जाती है. लोगों का कहना है कि कई बार तकनीकी दिक्कतें आने पर कंपनी को उन्हें सुधारने में एक से दो दिन का समय लग जाता है. इस दौरान उपभोक्ताओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है, जिससे PNG सेवा पर सवाल उठ रहे हैं।
कनेक्शन बढ़े, लेकिन लक्ष्य से दूर
पिछले पांच साल में भोपाल में करीब 36 हजार PNG कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि लक्ष्य ढाई लाख का रखा गया था. जमीनी हकीकत यह है कि अभी भी शहर के कई पुराने इलाकों में पाइपलाइन नहीं पहुंची है. जहां कनेक्शन दिए भी गए हैं, वहां लोगों का कहना है कि प्रेशर की समस्या के कारण गैस सुचारू रूप से नहीं मिलती, जिससे उन्हें फिर से सिलेंडर पर निर्भर होना पड़ता है।
पुराने शहर में काम अधूरा
हालांकि प्रशासन और गैस कंपनियों का दावा है कि शहर के करीब 40 प्रतिशत हिस्से में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और लगातार विस्तार का काम जारी है. नए शहर के 74 वार्डों में तेजी से काम हो रहा है, लेकिन पुराने शहर में अभी भी काम अधूरा है।

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