FDI की कमी पर आरबीआई का 'पॉजिटिव' रुख: कहा - अब विदेशी निवेशक आसानी से आ-जा सकते हैं
भारत में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में वित्त वर्ष 2014-25 के दौरान कमी आई है। भारत से एफडीआई निकालकर दूसरे देशों में लगाए जाने और बाजार से ज्यादा धन निकाले जाने से वित्त वर्ष 2025 में यह घटकर 0.4 अरब डॉलर रह गया है, जो पिछले वित्त वर्ष में 10.1 अरब डॉलर था। वित्त वर्ष 2023 में शुद्ध एफडीआई 28 अरब डॉलर था।
रिजर्व बैंक के मई के बुलेटिन में कहा गया है कि ‘यह परिपक्व बाजार का संकेत है, जहां विदेशी निवेशक आसानी से आ भी सकते हैं और जा भी सकते हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए यह सकारात्मक है।’ भारत में सकल एफडीआई अधिक बना हुआ है, जिससें वित्त वर्ष 2023-24 के मुकाबले 13.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और 81 अरब डॉलर रहा है।
2023-24 में यह 71.3 अरब डॉलर था और उससे पिछले वित्त वर्ष के दौरान 71.4 अरब डॉलर था। एफडीआई की आवक विनिर्माण, वित्तीय सेवाओं, बिजली व अन्य ऊर्जा, संचार सेवाओं में ज्यादा रही। कुल एफडीआई का 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों में आया है। इस अवधि के दौरान कुल एफडीआई की आवक में सिंगापुर, मॉरिशस, संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड और अमेरिका की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत से ज्यादा रही है।

BJP या कांग्रेस? राघव चड्ढा के अगले कदम पर बड़ी अटकलें
पावर कट अलर्ट: जालंधर के कई क्षेत्रों में 6 घंटे नहीं आएगी बिजली
सत्ता विरोधी लहर बनाम मोदी फैक्टर, बंगाल में BJP की राह
महतारी वंदन योजना की राशि पाने का आसान तरीका, e-KYC जरूरी
Manasa में 2 लाख की अफीम बरामद, एक तस्कर पकड़ा; दो फरार
अनूपपुर में 4 मंजिला इमारत गिरने से अफरा-तफरी, कई घायल होने की खबर
करोड़ों की डायल 112 FRV में आई खराबी, सड़क पर धक्का लगाते दिखे पुलिसकर्मी
घर बैठे राशन कार्ड e-KYC, फोन से ऐसे करें पूरा प्रोसेस
महिलाओं से अश्लील बातें करने का आरोप, काजी आरिफ अली की जिम्मेदारी समाप्त
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने युवक से करवाया खास वादा, दिया आवास