भोपाल में पेड़ों की कटाई के खिलाफ विरोध, उमंग सिंघार ने साधा सरकार पर निशाना
भोपाल | राजधानी भोपाल में अयोध्या बायपास को 10 लेन करने के प्रोजेक्ट के तहत बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई शुरू होने के बाद पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय निवासियों ने कड़ा विरोध जताया है। यह प्रोजेक्ट 16 किमी लंबे अयोध्या बायपास को चौड़ा करने का है, जो शहर की व्यस्त सड़कों में से एक है। लेकिन अब लोग विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं।
जनता के इस विरोध को अब कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले पर सरकार और प्रशासन को घेरते हुए कहा कि जनता के कड़े विरोध के बावजूद अनुमति की सीमा लांघी गईं और स्वीकृत संख्या से कहीं अधिक पेड़ काट दिए गए। उन्होंने कहा कि ये यह “विकास” नहीं, संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
लोगों ने पेड़ों से चिपककर किया कटाई का विरोध
भोपाल में अयोध्या बायपास को 10-लेन सड़क में परिवर्तित करने के लिए प्रस्तावित पेड़ काटने के विरोध में नागरिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया है। गुरुवार को बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने पेड़ों से चिपककर चिपको आंदोलन की तर्ज पर विरोध जताया। इस मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना के लिए प्रस्तावित लगभग 8000 पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई है और अगली सुनवाई 8 जनवरी तक इस पर रोक कायम रखने का निर्देश दिया है। एनजीटी ने कहा है कि पेड़ों को नुकसान पहुंचाए बिना सड़क निर्माण संबंधी अन्य कार्य जारी रखा जा सकता है।
उमंग सिंघार ने साधा सरकार पर निशाना
इस मामले पर उमंग सिंघार ने प्रशासन से सवाल किए हैं। उन्होंने पेड़ों की कटाई को पर्यावरण पर हमला बताते हुए भाजपा सरकार पर जनभावनाओं की अनदेखी और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता ने कहा है कि जनता के कड़े विरोध और आवाज उठाने के बावजूद यह नृशंसता जारी रही। अनुमति की सीमाएं लांघी गईं और स्वीकृत संख्या से कहीं अधिक पेड़ काट दिए गए। उन्होंने कहा ‘यह अब सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि जनभावनाओं की अनदेखी और नियमों का खुला उल्लंघन है। प्रशासन को नियमों के भीतर रहकर कार्य करना चाहिए। जब लोग सड़कों पर उतरकर पेड़ों को बचाने की गुहार लगाते हैं और उसी समय आरी चलती रहती है तो यह विकास नहीं, संवेदनहीनता की पराकाष्ठा होती है।’ बता दें कि यह परियोजना लगभग 16 किलोमीटर लंबे अयोध्या बायपास के चौड़ीकरण से जुड़ी है, जिसे शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से प्रस्तावित किया गया है।

रुद्राक्ष पहनने से पहले जरूर जानें: महिलाओं के लिए सही रुद्राक्ष और उसके नियम
‘काशी के कोतवाल’ Kal Bhairav की कहानी: आखिर क्यों हुआ Brahma का शिरच्छेद?
UP में बड़ा दांव! Chirag Paswan की एंट्री, सभी सीटों पर उतरने की तैयारी
‘अपमान का बदला ले जनता’: SIR विवाद पर Mamata Banerjee का बड़ा बयान
प्रचार बंद, अब सियासत का फैसला बड़े गठबंधन और नेताओं पर निर्भर
चुनावी मैदान में अनोखा अंदाज, बुलडोजर लेकर पहुंचे प्रत्याशी
पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान तेज, Indian National Congress ने झोंकी स्टार प्रचारकों की फौज
विक्रम यूनिवर्सिटी ने विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया