पांच दर्जन से अधिक ग्रामीण बंदरों के काटने से हुए घायल
बाराबंकी। सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम नियामतपुर व उसके आसपास गाँवों मे बंदरो ने आंतक मचा रखा है यहाँ तक अब तक करीब 5 दर्जन से अधिक ग्रामीण बंदरो के काटने से घायल हो चुके है दो सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों ने हस्ताक्षर युक्त प्रार्थनापत्र जिलाधिकारी को देकर बंदरो के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
कल्याणी नदी एव उसके आसपास फैले जंगल मे भारी संख्या मे बंदर होने के कारण नियामतपुर सहित अन्य गाँवो के ग्रामीणों का बंदरो के आतंक के चलते जीना मुहाल हो गया है गांव को आने जाने वाले ग्रामीणों को बंदरो के झुण्ड घेर कर काट लेते है बंदर खासकर महिलाओ एव बच्चो को निशाना बनाते है। लंबे समय से उत्पात मचा रहे बंदरों की वजह से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बंदर घरों की छतों पर रखे कपड़े और अन्य सामान को उठाकर ले जाते है या उन्हें फाड़कर व तोड़-फोड़ कर बर्बाद कर देते है। कई बंदर इतने ज्यादा हमलावर है कि वह लोगों को काटकर घायल भी कर देते है। लेकिन वन विभाग अमला इन उत्पाती बंदरों को पकड़ने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा हैं
ग्राम प्रधान नियामतपुर धर्मेंद्र कुमार सिंह ग्रामीण वासूदेव सिंह, प्रदीप कुमार, रामतीर्थ, गंगाराम, विकास, सत्यप्रकाश सिंह, सिराज अहमद,राजीव कुमार सहित करीब दो सैकड़ा ग्रामीणों ने हस्ताक्षर युक्त प्रार्थनापत्र जिलाधिकारी को देकर बंदरो को पकड़वाने की मांग की है।

नरेंद्र मोदी से मिले ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र, केरल चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
बुर्का पहनकर कांवड़ लाने का मामला गरमाया, मौलाना का एतराज; महिला बोली-मन्नत पूरी होने पर उठाया कदम
अपने ही विभाग के चौकीदार से घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारी
कैलाश विजयवर्गीय का बयान चर्चा में: “सारे कुत्तों से मुझे ही निपटना पड़ता है”, मौत का आंकड़ा शून्य बताया
बोर्ड ने जारी किए सख्त ड्रेस और आचरण संबंधी निर्देश
भारतीय जनता पार्टी का तंज: “असफल वंशज पर न नेताओं को भरोसा, न सहयोगियों को”, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर निशाना
नाला पार करते समय हादसा, 20 घंटे बाद मिले दोनों के शव
अब तक छह टीमें सुपर-आठ में, बचे दो स्थानों के लिए छह देशों में जंग; ये आठ रेस से बाहर