एमपी में पारा लुढ़का, कई शहरों में तापमान 5 डिग्री से नीचे
साल 2025 की समाप्ति और नए साल 2026 की शुरुआत कड़ाके की सर्दी के साथ हो रही है | दिसंबर महीने के 28 दिन बीत चुके हैं, राज्य में इस महीने सर्दी का जोरदार प्रकोप देखने को मिला. पिछले 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहा. भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सागर और शहडोल में हाड़ कंपाने वाली ठंड हो रही है |
मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर
पिछले दो दिनों से मंदसौर मध्य प्रदेश का सबसे ठंडा शहर बना हुआ है. रविवार को यहां राज्य सबसे कम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का न्यूनतम तापमान है. यहां शनिवार (27 दिसंबर) को न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री मापा गया. शहडोल के कल्याणपुर के 2.8 डिग्री, शाजापुर के गिरवर एवं रीवा में 3.2 डिग्री, राजगढ़ में 3.5 डिग्री और नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री मापा गया. इन्हीं शहरों में शीतलहर का असर भी देखने को मिला |
9 शहरों में शीतलहर का अलर्ट
एमपी में कड़ाके की ठंड के साथ-साथ धुंध और कोहरे का असर देखने को मिल रहा है. राज्य के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में इसका प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, शाजापुर, अनूपपुर, शहडोल और सिवनी के लिए शीतलहर का यलो अलर्ट जारी किया है
ग्वालियर, दतिया, भिंड, सिंगरौली, सीधी, सतना , पन्ना, छतरपुर, रीवा और मऊगंज में मौसम विभाग ने घने कोहरे के साथ कोल्ड वेव की चेतावनी दी है. वहीं टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में मध्यम कोहरा छाया रह सकता है |
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक