पार्षद टिकट पाने जबरदस्त मारामारी
दुर्ग । भाजपा में टिकिट पाने संगठन से अधिक विधायक को दावेदार दे रहे है तवज्जों जुम्मे जुम्मे चार दिन हुए जिनकों आये ऐसे लोग टिकिट पाने अधिक सक्रिय पार्षद टिकट पाने के लिए सत्ताधारी दल भाजपा में जबरदस्त मारामारी विधायक गजेंद्र दुर्ग निगम चुनाव में अपने ज्यादा से ज्यादा समर्थकों को पार्षद टिकट दिलाने कर रहे खास रणनीति के तहत काम दुर्ग। प्रदेश में भाजपा की सरकार है ऐसे में आने वाले निगम चुनाव में हर कोई सत्ता पक्ष की तरफ से प्रत्याशी बनना चाहता है ऐसे भी कई दावेदार है जो सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा में सक्रीय हो गए और अब टिकिट की दावेदारी की रेस में सबसे आगे नजर आ रहे है, संगठन से ज्यादा तवज्जो अब स्थानीय विधायक की तरफ नजर आ रहा है. कुछ ऐसा ही हाल दुर्ग निगम क्षेत्र का है जहां भाजपा के ऐसे दावेदार है जो गत विधान सभा चुनाव में भाजपा की तरफ से कही नजर नहीं आये मगर अब दावेदारों की सूचि में आगे नजर आ रहे है। वहीं कुछ ऐसे भी है जिनको जुम्मे जुम्मे चार दिन हुए आये वे लोग टिकिट पाने अधिक सक्रिय नजर आ रहे है,और हर हाल में टिकिट पाने जुगत लगाने भिड़े हुए है,और कुछ तो ऐसे है जो इसके लिए चढावा भेंट करने के लिए भी तैयार है।
भारतीय जनता पार्टी में प्रत्याशी चयन के लिए निचले स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक अलग-अलग प्रकार की चयन समितियां बनाई गई है। वहीं दुर्ग जिले के नगरी निकाय चुनाव में दुर्ग नगर निगम सबसे बड़ा नगरीय निकाय है, जहां पार्षद टिकट पाने के लिए सत्ताधारी दल होने के कारण भाजपा में जबरदस्त मारामारी है ऐसे में विधायक गजेंद्र यादव दुर्ग नगर निगम में अपने ज्यादा से ज्यादा समर्थकों को पार्षद टिकट दिलाने के लिए खास रणनीति के तहत काम कर रहे हैं। राजनीतिक चर्चा है कि इस कार्य की तैयारी के तहत ही पिछले दिनों बनी निचले स्तर की चयन समितियों में विधायक यादव की रणनीति के तहत चयन समिति का गठन भी हो गया जिसके चलते निचले स्तर से ही चयन समितियां ने गजेंद्र समर्थकों के नाम को पैनल में एक नम्बर में डाला है, जिसके चलते विपक्ष के दौर में संघर्ष करने वाले और वर्षों से काम कर रहे जमीनी स्तर के सीनियर कार्यकर्ताओं में बेहद आक्रोश की स्थिति है। शहर में फैली चर्चाओं के आधार पर दुर्ग शहर के विभिन्न वार्डों से कुछ नाम ऐसे है जो पैनल में शामिल हुए हैं वो सामने आने लगे हैं, जिनमें,
वार्ड 03 - नरेंद्र बंजारे
वार्ड न. 08 - वसीम कुरैशी
वार्ड 10 - शेखर चन्द्राकर
वार्ड 11 - अभिषेक पनारिया
वार्ड 12 - अजीत वैद्य
वार्ड 16 - खिलावन मटियारा
वार्ड 19 - रंजीता प्रमोद पाटिल
वार्ड 22 - काशीनाथ कोसरे
वार्ड 23 - मनोज सोनी
वार्ड 24 - रामकली चन्द्राकर
वार्ड 30 - श्याम शर्मा
वार्ड 38 - रामचंद सेन
वार्ड 39 - गुलाब वर्मा
वार्ड 43 - अनिकेत यादव
वार्ड 46 - लीलाधर पाल
वार्ड 48 - लोकेश्वरी ठाकुर
वार्ड 50 - बानी संतोष सोनी
वार्ड 51 - साजन जोसफ
वार्ड 52 - गुलशन साहू
वार्ड 53 - विनायक नातू
वार्ड 59 - नीलम शिवेंद्र परिहार
वार्ड 60 - श्वेता ताम्रकार
इसके अलावा अन्य वार्डों में भी विधायक गजेंद्र यादव के ऐसे समर्थकों के नाम पैनल में शामिल किए गए हैं जिन्हें पार्टी में सक्रिय हुए मात्र 1 साल ही हुए हैं। या ये भी कहा जा सकता है कि विधायक गजेंद्र यादव के द्वारा अयोग्य लोगों को सामने लाने के कारण भाजपा में बड़ी संख्या सीनियर नेताओं के बगावत करने के आसार नजर आ रहे हैं। भेाजपा में बगावत होने का सीधा असर पार्षदों में अल्पमत के रूप में दिखाई देता है पहले भी हर निगम चुनाव में बगावत के कारण ही भाजपा पार्षदों के आधार पर कभी भी बहुमत में नहीं आई है। 2004 में नगर निगम चुनाव में महापौर पद में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भी पार्षदों के मामले में अल्पमत में ही थी।

हॉलीवुड की उभरती स्टार केली हॉटल का सड़क हादसे में निधन, 18 साल की उम्र में टूटा सपना
शारदा उफान पर, लखीमपुर खीरी में बाढ़ ने बढ़ाई मुश्किलें; कई गांव टापू में तब्दील
संसद परिसर से सदन तक घमासान, हंगामे के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही रोकी गई
भारत-जिम्बाब्वे T20 से पहले जानें हरारे की पिच का हाल, टॉस जीतकर क्या होगा सही फैसला?
काले कपड़ों में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, संसद में सरकार को घेरा
सीएम थलपति का केंद्र पर निशाना, बोले- NEET परीक्षा खत्म करना ही समाधान
नेपाल की राजनीति में नया मोड़, बालेन शाह भारत-चीन राजदूतों से करेंगे मुलाकात
NEET पेपर लीक को लेकर सदन में गरमाया माहौल, कांग्रेस विधायकों का विरोध प्रदर्शन
CJP प्रदर्शन में शबाना आजमी की तबीयत बिगड़ी, अस्थमा अटैक के बाद बोलीं- 'अब मैं ठीक हूं'
हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद नहीं थमा विवाद, 103 कर्मचारियों की पात्रता पर फिर बवाल