नागपुर में विस्फोटक फैक्ट्री ब्लास्ट से हड़कंप, कई मजदूर जिंदा जले
Nagpur factory Explosion: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के कटोल शहर में एक फैक्ट्री में हुए धमाके में कम से कम 15 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है. जबकि कई लोग घायल हुए हैं. ऐसा माना जा रहा है कि इस हादसे में अभी मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है. इस घटना बारे में रविवार को पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है. पुलिस के मुताबिक यह धमाका कटोल तहसील के राउलगांव में माइनिंग और इंडस्ट्रियल विस्फोटक बनाने वाली SBL एनर्जी लिमिटेड फैक्ट्री में हुआ. इस हादसे में घायल लोगों को तुरंत नागपुर के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
मौके पर पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच चुकी है और ये विस्फोट क्यों हुआ इसका पता लगाया जा रहा है. ह इतना भीषण था कि जिस बिल्डिंग में धमाका हुआ, उसका सारा सामान और मलबा 500 से 700 मीटर दूर जा गिरा. मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं हैं. राज्य के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अधिकारियों को तुरंत मदद देने के निर्देश जारी किए हैं. फिलहाल जिला कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंच गए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन भी तेज कर दिया गया है.
आंध्र प्रदेश में हुआ था धमाका
दूसरी तरफ बीते रोज आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में एक पटाखा बनाने की यूनिट में विस्फोट के खबर सामने आई है. इस विस्फोट में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. आंध्र प्रदेश के मंत्री कंडुला दुर्गेश ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया, “जहां तक मुझे पता है, यहां (घटनास्थल पर) 21 शव देखे गए हैं. आठ अन्य लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। निर्माण इकाई में लगभग 30 लोग थे.”

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
पशुपालन की विभिन्न योजनाओं से किसान होंगे आत्मनिर्भर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
हरी खाद से बदल रही खेती की तस्वीर : कम लागत, बेहतर मुनाफा और स्वस्थ मिट्टी
शहीद के संघर्ष और बलिदान की गाथा भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा : राज्यपाल पटेल
चंबल के कछुए बने नमामि गंगे मिशन में मां गंगा के ‘प्राकृतिक सफाई-योद्धा’
अवैध खनन के मामले मेें जेसीबी सहित 5 वाहन जब्त
सरायपाली सीएचसी में सुरक्षित मातृत्व की ओर महत्वपूर्ण उपलब्धि तीसरा सफल सिजेरियन
काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित हुई विश्व की प्रथम “विक्रमादित्य वैदिक घड़ी”