ठाकरे गुट के नेताओं के खिलाफ ईडी की कार्रवाई हुई तेज
मुंबई। लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी महाराष्ट्र में विपक्ष को फंसाने की कोशिश करती नजर आ रही है. ठाकरे गुट के विधायक रवींद्र वायकर, सचिव सूरज चव्हाण और विधायक राजन साल्वी के बाद अब मुंबई की पूर्व महापौर किशोरी पेंडणेकर ईडी की रडार पर आ गई हैं और जल्द ही पूछताछ के घेरे में फंस सकती हैं। दरअसल कोविड काल में मुंबई महानगरपालिका में हुए बॉडी बैग घोटाला मामले में शुक्रवार को ईडी ने उन्हें समन किया है. पेंडणेकर को गुरुवार को पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा गया है. आपको बता दें कि मुंबई की पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर पर कोरोना काल के दौरान मुंबई मनपा में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया है. कोविड काल में टेंडर प्रक्रिया में बड़ा घोटाला हुआ है. आरोप है कि इसमें किशोरी पेंडणेकर भी शामिल हैं. इस मामले की जांच ईडी कर रही है. ईडी ने दावा किया है कि मुंबई में मृत कोविड मरीजों को ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला बॉडी बैग 2,000 रुपये के बजाय 6,800 रुपये में खरीदा गया था. ईडी का आरोप है कि यह ठेका तत्कालीन महापौर के निर्देश पर दिया गया था. किशोरी पेंडणेकर कोविड काल में मुंबई की महापौर थीं. मामले की जांच करते हुए ईडी ने पिछले साल 21 जून को पूरे राज्य में छापेमारी की थी. इस छापेमारी में 68 लाख 65 हजार रुपये नकद, 150 करोड़ की अचल संपत्ति सील की गयी. इसके अलावा 15 करोड़ की एफडी और अन्य निवेश भी ईडी को मिले हैं. शुक्रवार को ईडी द्वारा पेंडणेकर को समन भेजे जाने के बाद ठाकरे गुट की नेता सुषमा अंधारे ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को कोई विपक्षी पार्टी नहीं चाहिए. बीजेपी की ओर से मैराथन कार्रवाई जारी है. बीजेपी बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है.
इससे पहले ईडी ने ठाकरे गुट के विधायक रवींद्र वायकर के घर पर छापा मारा है. वायकर के साथ-साथ उनके सहयोगियों और करीबी सहयोगियों के घरों और कार्यालयों पर छापे मारे गए। मुंबई के जोगेश्वरी में भूमि हेराफेरी मामले में ईडी का ट्रायल सत्र शुरू हो गया है. उक्त मामले में ईडी ने कुल 7 जगहों पर छापेमारी की थी. नवंबर 2023 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविंद्र वायकर और छह अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। वायकरों पर जोगेश्वरी में सुप्रीमो क्लब के परिसर का दुरुपयोग करने और वहां एक होटल का निर्माण करते समय तथ्यों को छिपाने का आरोप है।
कोविड काल में मुंबई मनपा में 132 करोड़ के खिचड़ी घोटाले का आरोप लगा था. इसमें सूरज चव्हाण को भी आरोपी बनाया गया था. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी ने दो दिन पहले सूरज चव्हाण को गिरफ्तार किया है.

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