नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) मार्ग पर जारी कूटनीतिक वार्ताओं के बाद तनाव कम होने से तेल की कीमतों में यह नरमी आई है। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में जारी इस बिकवाली के कारण अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 2 प्रतिशत से अधिक टूटकर 80 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब आ गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड भी 2.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।

ईरान-ओमान वार्ता से आसान होगी तेल जहाजों की आवाजाही

कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे ईरान और ओमान के बीच जारी सकारात्मक समुद्री वार्ता मुख्य वजह मानी जा रही है। दोनों देश इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से तेल वाहक जहाजों (टैंकरों) की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक अस्थायी मार्ग बनाने और समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। इन सकारात्मक घटनाक्रमों ने वैश्विक बाजार में तेल आपूर्ति बाधित होने के डर को समाप्त कर दिया है, जिसके चलते निवेशकों का रुझान खरीदारी के बजाय बिकवाली की ओर बढ़ा है।

वायदा बाजार में 2.4% तक की गिरावट दर्ज

बुधवार सुबह भारतीय समयानुसार डब्ल्यूटीआई क्रूड का अक्टूबर वायदा 2.43 प्रतिशत (2 डॉलर) फिसलकर 80.36 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं दूसरी ओर, ब्रेंट क्रूड का नवंबर वायदा भी 1.96 डॉलर यानी 2.25 प्रतिशत की कमजोरी दर्शाते हुए 85.31 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। मंगलवार के बाद बुधवार को भी बिकवाली का रुझान बने रहने से पिछले दो सत्रों के भीतर कच्चे तेल के वैश्विक दामों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।