विरोधियों को सीएम सिद्धारमैया का जबाव, उनकी कुर्सी खाली नहीं
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य में सत्ता परिवर्तन की अटकलों पर विराम लगाकर कहा कि उनकी कुर्सी खाली नहीं है। उन्होंने मीडिया में चल रही बातों को सिर्फ अफवाह बताया। सीएम सिद्धारमैया ने कहा, मीडिया को अफवाहों को हवा देने की बजाय सच दिखाना चाहिए। मैं साफ कर दूं कि सीएम बदलने के लिए कुर्सी खाली नहीं है। कुछ नेता साथ में डिनर कर लेने पर कहा जाता हैं कि वहां अहम राजनीतिक चर्चा हुई है। टीवी में दिखाया जाता है कि मंत्रियों ने आपस में क्या बात की, अपने मन से कुछ भी डायलॉग लिखकर वे चलाते रहते हैं जबकि वहां ऐसी कोई चर्चा हुई भी नहीं होती है। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है, लेकिन पत्रकार अभी भी लिख रहे हैं कि सीएम बदला जाएगा। मेरी कुर्सी खाली नहीं है लेकिन वे अभी भी कहते हैं सीएम बदला जाएगा।
दरअसल विपक्षी दल भाजपा ने दावा किया है कि उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार मुख्यमंत्री बनने को बेताब हैं, जबकि सिद्धारमैया पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं और उन्होंने रणनीतिक कदम उठाने शुरु किए हैं। राज्य भाजपा इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने कहा है कि हम सुन रहे हैं कि सत्ता-साझेदारी के फार्मूले के अनुसार सीएम सिद्धारमैया का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। इस पृष्ठभूमि में शिवकुमार बयान दे रहे हैं। सिद्धारमैया और शिवकुमार को सत्ता-साझेदारी समझौते को स्पष्ट करने की आवश्यकता है। हम जो जानते हैं, उसके अनुसार सिद्धारमैया का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।

ड्रीम मीनिंग: सपने में पैसे दिखें तो क्या होता है इशारा—सिक्का या नोट कौन बेहतर?
ईटिंग हैबिट्स से खुलता है व्यक्तित्व: जानें आपका खाना खाने का तरीका क्या कहता है
वास्तु टिप्स: दक्षिण दिशा में दरवाजा होने पर ऐसे करें दोष का समाधान
आज का राशिफल: 3 अप्रैल 2026 को किन राशियों की चमकेगी किस्मत
विकसित भारत की कल्पना हो रहा है साकार
औजार खरीदी अनुदान योजना- विदिशा के श्रमिक देवेंद्र शर्मा को ₹5000 की सहायता, कार्य में बढ़ी दक्षता
चारधाम यात्रा में गैस की भारी डिमांड, सरकार ने बढ़ाया अलर्ट
अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई ने वर्ष 2025-26 में दिखाया मास्टर क्लास प्रदर्शन
वन विभाग की बड़ी उपलब्धि : बारनवापारा का रामपुर ग्रासलैंड फिर हुआ काले हिरणों से आबाद
सर्वाधिक परिवारो को रोजगार, सर्वाधिक मानव दिवस का रोजगार सहित सर्वाधिक दिव्यांगजनों को रोजगार देने के मामले में कबीरधाम प्रदेश में प्रथम स्थान पर