संजय सिंह की जमानत पर राघव चड्ढा समेत आप नेताओं ने जताई खुशी
नई दिल्ली । आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद संजय सिंह की जमानत पार आप नेताओं ने खुशी जाहिर की है। राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया अकाउंट पर संजय सिंह के साथ तस्वीर शेयर करते हुए कहा कि आज पार्टी के हर नेता और कार्यकर्ता के लिए भावुक दिन है। इतना ही नहीं, दिल्ली के मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने भी संजय सिंह का स्वागत किया। राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा, आज हर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता के लिए बहुत भावुक दिन है। हमारे शेर संजय सिंह की रिहाई से आज वो ख़ुशी है जो शब्दों में बयान नहीं की जा सकती। जय बजरंग बली! आज हर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता के लिए बहुत भावुक दिन है। हमारे शेर संजय सिंह की रिहाई से आज वो ख़ुशी है जो शब्दों में बयान नहीं की जा सकती। इसी के साथ, सौरभ भारद्वाज ने कहा, आज आप पार्टी के ऊपर जो संकट था वो संकटमोचन हनुमान जी ने दूर किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आज ईडी से कई सवाल पूछे। पूछा दिनेश अरोड़ा से 10 बयान लिए गए। इन बयानों में संजय सिंह का नाम नहीं लिया गया। ग्यारहवें बयान में फिर उसने संजय सिंह को ख़िलाफ़ बयान दिया गया। क्योंकि इस पर दबाव डाला गया और बयान दिलवाया गया। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सवास किया कि क्या कोई पैसा रिकवर हुआ है? इसका भी कोई जवाब ईडी और केंद्र सरकार के पास नहीं था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक गवाह के 10 बयान आप कूड़े में डाल देते हैं, जबकि 1 बयान को रिकॉर्ड में रखते हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लंच तक कोई ठोस सबूत लेकर आइए, वरना इन्हें बेल दे दी जाएगी, लेकिन ईडी कुछ नहीं बता पाई।

बड़वानी जिले को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने के लिये कृषि उन्नयन संवाद का हुआ आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुलैथ में बुधवार को कृषक कल्याण वर्ष के पहले किसान सम्मेलन का करेंगे शुभारंभ
हरदा के डायल-112 हीरोज: सूझबूझ और साहस से टली बड़ी दुर्घटना
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियमों पर मंथन
महिला अपराधों की विवेचना में सुधार हेतु एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न
लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर से प्रेरणा लेकर करे राष्ट्र निर्माण: राज्यपाल पटेल
गुजरात में समुद्री रास्ते से तस्करी नाकाम, पोरबंदर के पास भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद
नए जिलों में अधिकारियों की तैनाती, प्रशासनिक फेरबदल
मध्य प्रदेश बजट से आदिवासी समाज को उम्मीदें, लेकिन कुपोषण खत्म करने की चुनौती बरकरार