तेंदुए के हमले से दहला बिजनौर, भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष गंभीर रूप से घायल
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के ग्रामीण अंचलों में आदमखोर होते वन्यजीवों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा सनसनीखेज मामला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव से सामने आया है, जहां बुधवार की सुबह रोजाना की तरह टहलने निकले 'भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) अराजनैतिक' के ब्लॉक अध्यक्ष पर एक खूंखार गुलदार (तेंदुए) ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया।
गुलदार के इस अचानक हुए हिंसक हमले में किसान नेता गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस दुस्साहसिक घटना के बाद से पूरे इलाके के ग्रामीणों में भारी आक्रोश के साथ-साथ दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों से क्षेत्र में तुरंत लोहे का पिंजरा लगाकर आदमखोर गुलदार को कैद करने की पुरजोर मांग की है।
नौगरा: खेत से अचानक निकलकर सड़क पर झपटा वन्यजीव, ग्रामीणों के लाठी-डंडे लेकर दौड़ने पर जंगल की ओर भागा
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम नौगरा के रहने वाले भाकियू अराजनैतिक के ब्लॉक अध्यक्ष आलोक डागर बुधवार सुबह लगभग 7:00 बजे अपने दैनिक नियम के मुताबिक गांव के नजदीक ही मुख्य सड़क पर टहल रहे थे।
तभी सड़क के किनारे खड़े गन्ने के घने खेत से निकलकर एक विशालकाय गुलदार ने उन पर पीछे से घात लगाकर हमला कर दिया। गुलदार ने उनके कंधे और हाथ पर अपने पैने पंजों से गहरे घाव कर दिए। अचानक हुए इस अप्रत्याशित हमले से बदहवास आलोक डागर ने हिम्मत नहीं हारी और शोर मचाना शुरू कर दिया। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और राहगीर लाठी-डंडे लेकर तुरंत मौके की ओर दौड़े। भारी संख्या में ग्रामीणों को अपनी ओर आता देख गुलदार घायल किसान नेता को छोड़कर वापस गन्ने के घने खेतों के रास्ते जंगल की ओर भाग निकला।
बेरखेड़ा मार्ग: राहगीरों के लिए काल बना गुलदार, परिजनों ने घायल नेता को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया भर्ती
घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने खून से लथपथ आलोक डागर को आनन-फानन में नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए और प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए तुरंत बिजनौर जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां फिलहाल उनका उपचार जारी है।
ग्रामीण लोकेंद्र चौधरी और प्रमोद कुमार ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। नौगरा से बेरखेड़ा को जोड़ने वाले इस संपर्क मार्ग पर यह गुलदार पिछले कई दिनों से लगातार राहगीरों, स्कूली बच्चों और खेतों में काम करने वाले किसानों को खुलेआम घूमता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे इलाके में डर का माहौल है।
ग्रामीणों ने दी वन विभाग को आंदोलन की चेतावनी: पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग तेज
इस घटना से भड़के किसान संगठनों और स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में गुलदार की सक्रियता की सूचना कई बार स्थानीय वन कर्मियों को दी गई थी, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिसका खामियाजा आज एक किसान नेता को भुगतना पड़ा।
भाकियू के स्थानीय पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि वन विभाग ने 24 घंटे के भीतर नौगरा-बेरखेड़ा मार्ग और आसपास के खेतों में पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मुहिम शुरू नहीं की, तो किसान संगठन वन कार्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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