भूमिहीन मजदूर गनेशु के जीवन में आई आर्थिक मजबूती, योजना बनी परिवार का सहारा
रायपुर : मेहनत-मजदूरी ही जिनके परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा हो, उनके लिए छोटी-सी आर्थिक मदद भी बड़ी राहत बन जाती है। कबीरधाम जिले के ग्राम चिमरा निवासी गनेशु डहरिया के परिवार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। खेती की जमीन नहीं होने के बावजूद दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत हर वर्ष मिलने वाली 10 हजार रुपये की सहायता ने उनके परिवार को आर्थिक संबल दिया है। इससे घर के जरूरी खर्च पूरे करना आसान हुआ है और भविष्य के प्रति उनका भरोसा भी मजबूत हुआ है।
52 वर्षीय गनेशु डहरिया कई वर्षों से मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। परिवार में उनकी पत्नी श्रीमती उर्मिला बाई डहरिया और पुत्र मिथुन डहरिया हैं। सीमित आमदनी के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना आसान नहीं था। कई बार जरूरी खर्चों के लिए भी उन्हें इंतजार करना पड़ता था। इसी दौरान उन्हें दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना की जानकारी मिली। पात्रता के आधार पर उनका पंजीयन हुआ और अब उन्हें हर वर्ष 10 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में मिल रही है। इस राशि से वे घर की दैनिक जरूरतें पूरी करने के साथ बच्चों के खर्च और अन्य आवश्यक कार्यों में भी मदद ले रहे हैं। इससे परिवार पर आर्थिक दबाव काफी कम हुआ है।
गनेशु डहरिया बताते हैं कि पहले उन्हें लगता था कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल जमीन वाले किसानों तक ही सीमित है। लेकिन इस योजना से लाभ मिलने के बाद उनकी सोच बदल गई। अब उन्हें विश्वास है कि शासन भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की जरूरतों का भी ध्यान रख रहा है। वे कहते हैं कि हर साल मिलने वाली यह सहायता हमारे परिवार के लिए बहुत बड़ी मदद है। इससे घर का खर्च संभालने में आसानी होती है और जरूरत के समय किसी के सामने हाथ फैलाने की नौबत नहीं आती। परिवार को एक और सहारा महतारी वंदन योजना से मिला है। उनकी पत्नी श्रीमती उर्मिला बाई डहरिया को हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि मिल रही है। दोनों योजनाओं का लाभ मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत हुई है और अब छोटे-छोटे खर्चों के लिए चिंता कम हो गई है। गनेशु डहरिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि यह योजना भूमिहीन मजदूर परिवारों के लिए सम्मान और भरोसे की योजना है।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट से मिलेगा जल्द न्याय, अमित शाह ने PM मोदी के फैसले को बताया अहम
जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले अय्यर का बड़ा बयान, बेखौफ क्रिकेट खेलने की सलाह
भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे का बड़ा फैसला, टीम में हुआ फेरबदल
ग्वालियर में खुलेगा उद्योगों का नया रास्ता, टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन से बढ़ेंगे रोजगार
62% तक रिटर्न की उम्मीद, मोतीलाल ओसवाल ने इन 5 शेयरों को बताया खरीदारी लायक
नितिन नवीन बोले- NEET मामले में सरकार पूरी तरह जवाबदेह, हर सवाल का देंगे उत्तर
शताब्दीपुरम में प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध, प्रदर्शन के बीच तैनात किया गया भारी पुलिस बल
CJP प्रोटेस्ट विवाद: छात्रों को डराने वाले पुलिसकर्मी पर एक्शन, सस्पेंशन का आदेश
डॉक्टरों ने दिखाया हुनर, सिर में फंसी कैंची निकालकर बच्चे को दिया जीवनदान
ऑटोइम्यून बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकती है आंखों और मुंह की ड्राइनेस, जानें बचाव के तरीके