संघमित्रा एक्सप्रेस में मानवता की मिसाल, गर्भवती यात्री को रेलवे स्टाफ ने पहुंचाई चिकित्सा सहायता
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल रेल प्रशासन की सजगता और त्वरित कार्रवाई के चलते कटनी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार 9 जुलाई को एक बड़ा संकट टल गया। ट्रेन में सफर कर रही एक गर्भवती महिला यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा होने पर रेल अधिकारियों ने सूझबूझ दिखाई और समय रहते स्टेशन पर ही आपातकालीन चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई। रेल प्रशासन, डॉक्टरों और आपातकालीन सेवा के आपसी तालमेल के कारण महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया जा सका, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
संघमित्रा एक्सप्रेस में अचानक बिगड़ी महिला की तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 12295 संघमित्रा एक्सप्रेस में एक 20 वर्षीय महिला यात्री सफर कर रही थीं। सफर के दौरान जब ट्रेन कटनी स्टेशन के नजदीक पहुंच रही थी, तब गर्भावस्था के सातवें से आठवें महीने से गुजर रही इस महिला को अचानक पेट में असहनीय और तीव्र दर्द शुरू हो गया। महिला की बिगड़ती हालत को देख उनके परिजन और सह-यात्री बेहद घबरा गए, जिसके बाद तुरंत इसकी सूचना ट्रेन स्टाफ के माध्यम से स्टेशन प्रबंधन को दी गई।
उप स्टेशन प्रबंधक की तत्परता और आपातकालीन अलर्ट
ट्रेन में गर्भवती महिला की तबीयत खराब होने की खबर मिलते ही कटनी के उप स्टेशन प्रबंधक (वाणिज्य) महेंद्र कुमार तुरंत एक्शन में आए। उन्होंने बिना वक्त गंवाए स्थिति की गंभीरता को समझा और तत्काल रेलवे के स्थानीय डॉक्टर तथा राज्य की 108 एम्बुलेंस सेवा को अलर्ट जारी कर दिया। जैसे ही संघमित्रा एक्सप्रेस कटनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी, मेडिकल टीम और स्टेशन स्टाफ सभी जरूरी उपकरणों के साथ पहले से ही वहां मुस्तैद थे।
प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल किया गया रेफर
रेलवे डॉक्टर ने ट्रेन के कोच में पहुंचकर पीड़ित महिला यात्री की जांच की और उन्हें तत्काल आवश्यक प्राथमिक उपचार दिया। हालांकि, महिला की संवेदनशील स्थिति और डॉक्टरों की निगरानी में प्रसव की संभावना को देखते हुए उन्हें बेहतर और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधा देने का निर्णय लिया गया। इसके बाद रेलवे डॉक्टर की सलाह पर मरीज को स्टेशन के बाहर खड़ी एम्बुलेंस के जरिए बेहद सावधानीपूर्वक जिला चिकित्सालय के लिए रवाना किया गया।
परिजनों ने जताया आभार और रेल सुरक्षा की प्रतिबद्धता
जबलपुर रेल मंडल के कर्मचारियों की इस संवेदनशीलता और त्वरित तालमेल के कारण महिला को बिल्कुल सही समय पर इलाज मिल सका। इस संकट की घड़ी में मिली मदद से भावुक होकर महिला के परिवार वालों ने रेलवे प्रशासन, तत्परता दिखाने वाले डॉक्टरों और उपस्थित सभी रेल कर्मियों का सहृदय आभार प्रकट किया। यह सफल रेस्क्यू एक बार फिर साबित करता है कि आपातकालीन और संकटपूर्ण परिस्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा और सेवा के लिए भारतीय रेल पूरी तरह मुस्तैद है।

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