कितना भी कमाओ, तंगी खत्म नहीं हो रही? हरिद्वार के पंडित से जानिए उपाय, करना होगा बस एक काम
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सभी नवग्रह भोलेनाथ के अधीन होते हैं. यदि किसी व्यक्ति पर ग्रहों की महादशा, साढेसाती, ढैया आदि चल रही है तो भोलेनाथ का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, उनके स्तोत्र आदि का पाठ करने पर लाभ होता है. विशेष तिथियों पर ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव भोलेनाथ की कृपा से खत्म होने की मान्यता है. संवत 2083 के ज्येष्ठ शुद्ध शुक्ल पक्ष में प्रदोष तिथि का आगमन शनिवार को होने से जातकों को इसका विशेष लाभ मिलेगा. मनुष्य के जीवन में आने वाले सुख, दुख का आधार 9 ग्रहों और 12 राशियों पर केंद्रित हैं. सभी नौ ग्रहों में राहु-केतु, शनि, शुक्र, बुध, सूर्य, मंगल, चंद्रमा और गुरु ग्रह होते हैं. 12 राशियां मेष से मीन तक हैं. सभी नौ ग्रहों में राहु-केतु और शनि ग्रह को क्रूर ग्रह बताया गया है. इन ग्रहों का मनुष्य के जीवन पर सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव होता है. इन ग्रहों में शनि सबसे अधिक शक्तिशाली ग्रह है, जिसका मानव जीवन पर सबसे अधिक प्रभाव साढ़ेसाती, महादशा और ढैया के रूप में होता है.
जब शनि ग्रह कि यह दशाएं किसी राशि पर चलती है तो उस राशि वाले व्यक्ति के जीवन में आर्थिक तंगी, दुख और अनेक प्रकार की समस्याओं का आगमन होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सभी नवग्रह भोलेनाथ के अधीन होने की वजह से उनकी पूजा आराधना और व्रत से शनि समेत अन्य ग्रहों से होने वाली समस्याएं खत्म हो जाती हैं. यदि भोलेनाथ की आराधना विशेष स्थितियों पर प्रदोष काल में की जाए तो सबसे अधिक लाभ मिलता है.
शाम 05:44 से 07:14 तक
लोकल 18 से हरिद्वार के पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि संयोग से ज्येष्ठ शुद्ध शुक्ल पक्ष में प्रदोष तिथि का आगमन शनिवार को हो रहा है. 27 जून शनिवार को त्रयोदशी तिथि के दिन भोलेनाथ के निमित्त व्रत करें. तीसरे पहर यानी सूर्योदय से 45 मिनट पूर्व और सूर्योदय के 45 मिनट बाद के समय में भोलेनाथ का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र, शिव तांडव स्तोत्र आदि का पाठ भोलेनाथ के सिद्ध पीठ स्थल पर करें. ऐसा करने से ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव पूर्ण रूप से खत्म हो जाएगा. शनि ग्रह की साढ़ेसाती, महादशा, ढैया से पीड़ित जातकों की ओर से 27 जून शनिवार को प्रदोष व्रत का संकल्प करके शाम 05:44 से शाम 07:14 तक भोलेनाथ की आराधना, शनि ग्रह का बीज मंत्र और वैदिक मंत्र का 108 बार जाप आदि करें. इस उपाया से शनि ग्रह अनुकूल फल प्रदान करेंगे, अन्य सभी ग्रह भी अनुकूल हो जाएंगे. इस दिन शनि ग्रह से संबंधित वस्तुएं भी दान की जा सकती हैं.

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