परभणी में हड़कंप, मारुति मंदिर की छत ढही; राहत-बचाव जारी
परभणी। महाराष्ट्र के परभणी जिले से आज शनिवार, 20 जून को एक बेहद हृदयविदारक और भीषण हादसे की खबर आई है। यहां स्थित प्रसिद्ध मारुति (हनुमान) मंदिर परिसर में अचानक सभा मंडप की कंक्रीट की छत (स्लैब) भरभराकर नीचे गिर गई। दुर्घटना के समय शनिवार का पावन दिन होने के कारण मंदिर परिसर के भीतर भगवान के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी। छत के अचानक ढहने से चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और मलबे के विशाल ढेर में लगभग 30 से 40 श्रद्धालुओं के मलबे में दबे होने की बेहद चिंताजनक बात सामने आई है। इस अप्रत्याशित और भयानक तबाही के चलते पूरे धार्मिक स्थल पर अफरा-तफरी और दहशत का माहौल निर्मित हो गया है, जिसमें कई श्रद्धालुओं को गंभीर चोटें आई हैं। यद्यपि प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस महकमे की ओर से अभी तक इस हादसे में हताहत होने वाले या जान गंवाने वाले लोगों की सटीक और आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं की गई है।
यशवाड़ी गांव के हनुमान मंदिर में दोपहर को हुआ हादसा, ३0-४0 भक्तों के दबे होने की आशंका
यह भीषण त्रासदी परभणी जिले के अंतर्गत आने वाले यशवाड़ी गांव के हनुमान मंदिर में घटित हुई। भौगोलिक दृष्टि से यह सुदूर गांव छत्रपति संभाजीनगर से तकरीबन 190 किलोमीटर की दूरी पर मानवत रोड पर स्थित है। स्थानीय प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार की दोपहर करीब 3:30 बजे जब मंदिर का मुख्य हॉल यानी 'सभा-मंडप' श्रद्धालुओं से पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था, तभी अचानक उसकी ऊपरी छत का एक बहुत बड़ा हिस्सा ढह गया। चूंकि शनिवार का दिन पवनपुत्र हनुमान जी की आराधना के लिए विशेष माना जाता है, इसलिए सामान्य दिनों की तुलना में आज वहां पर बूढ़ों, महिलाओं और बच्चों सहित भक्तों का जमावड़ा काफी अधिक था। अचानक हुए इस वज्रपात से किसी को भी संभलने या भागने का तनिक भी अवसर नहीं मिल सका।
प्रशासनिक अमला और पुलिस बल मौके पर तैनात, अब तक २५ घायलों को निकाला गया बाहर
विनाशकारी हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन, एम्बुलेंस और जिला आपदा प्रबंधन (राहत एवं बचाव दल) की टीमें बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गईं। युद्ध स्तर पर शुरू किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत भारी पत्थरों और मलबे को हटाकर नीचे दबे हुए जिंदगी की जंग लड़ रहे लोगों को बाहर निकालने की कोशिशें की जा रही हैं। एक प्रशासनिक अधिकारी ने प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि अब तक मलबे के नीचे से अत्यंत मुस्तैदी के साथ लगभग 25 से अधिक लोगों को सुरक्षित या घायल अवस्था में बाहर निकाला जा चुका है। घटना स्थल पर खड़ी दर्जनों एम्बुलेंस के जरिए इन सभी घायलों को बिना देरी किए नजदीकी सरकारी और निजी चिकित्सालयों में उपचार हेतु रवाना किया जा रहा है।
मलबे के भीतर फंसे लोगों की सटीक संख्या की खोज जारी, अस्पताल हाई अलर्ट पर
फिलहाल राहत और बचाव दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे के नीचे दबे अन्य संभावित लोगों की खोज करना है, क्योंकि अभी तक यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित नहीं हो सका है कि कुल कितने लोग उस भारी भरकम स्लैब के नीचे पूरी तरह फंसे रह गए हैं। मलबे के भीतर फंसे कुछ लोगों की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। जिला चिकित्सालय और आसपास के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखते हुए डॉक्टरों की विशेष टीमों को तैनात किया गया है। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस के जवान मिलकर हाथों तथा मशीनों की सहायता से पत्थरों को हटाने में जुटे हैं, ताकि समय रहते हर एक कीमती जान को बचाया जा सके। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परभणी अंचल को गहरे शोक और चिंता में डुबो दिया है।

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