कोलकाता एयरपोर्ट पर सियासी संग्राम, अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में भिड़े भाजपा और TMC समर्थक
कोलकाता। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय अफरातफरी और तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के समर्थक आपस में भिड़ गए। दोनों राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच हवाई अड्डा परिसर में ही जमकर लात-घूंसे चले और हिंसक झड़प हुई। इस घटना के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं, जिसमें दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की करते हुए साफ नजर आ रहे हैं।
नेताओं के आगमन से पहले उपजा विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के दिल्ली से वापस कोलकाता आगमन से ठीक पहले शुरू हुआ। हवाई अड्डे पर पहले से मौजूद टीएमसी समर्थकों ने आशंका जताई कि भाजपा के कुछ कार्यकर्ता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ प्रदर्शन करने तथा उन पर अंडे फेंकने के इरादे से वहां जमा हुए थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जिसने देखते ही देखते एक बड़े खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। हवाई अड्डे जैसे संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में हुई इस घटना से वहां मौजूद आम यात्रियों में भय का माहौल बन गया, जिसे नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
सुरक्षा व्यवस्था और हथियारों की मौजूदगी पर उठे सवाल
इस हिंसक झड़प के बाद टीएमसी समर्थकों ने दावा किया कि वे केवल अपने नेता की अगवानी के लिए शांतिपूर्वक खड़े थे, तभी विपरीत विचारधारा के लोग वहां माहौल बिगाड़ने पहुंच गए। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के पास न केवल अंडे थे, बल्कि उनमें से कुछ लोगों ने हथियार तक लहराए। सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं ने इसे सुरक्षा में एक बड़ी चूक बताते हुए सवाल उठाया कि हवाई अड्डे की कड़े पहरे वाली सीमा के भीतर कोई भी व्यक्ति घातक सामान लेकर कैसे प्रवेश कर सकता है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों को चिन्हित कर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और मामले की विधिक जांच
दूसरी तरफ, मुख्य विपक्षी दल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एक अलग दृष्टिकोण सामने रखा है। केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने इस हिंसक वारदात पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों से शांति व संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है और सभी को प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा रखना चाहिए। फिलहाल, एयरपोर्ट थाना पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही हैं। यह घटना एक बार फिर राज्य में दोनों प्रमुख दलों के बीच बढ़ते राजनीतिक गतिरोध को बयां करती है।

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