निबंधन कार्यालयों के निजीकरण के विरोध में तीसरे दिन भी हड़ताल जारी, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
हाथरस। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन (रजिस्ट्री) कार्यालयों के कार्यों को निजी कंपनियों को सौंपने के प्रस्ताव के विरोध में अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं एवं टाइपिस्टों का आंदोलन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। उप-पंजीयक (रजिस्ट्री) कार्यालय सिकंदराराऊ परिसर में धरना-प्रदर्शन और कलमबंद हड़ताल आयोजित की गई।धरने की अध्यक्षता दी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.के. शोला चौहान एडवोकेट ने की। इस दौरान दी बार एसोसिएशन, सिविल बार एसोसिएशन, कातिब एसोसिएशन, स्टाम्प विक्रेता एसोसिएशन एवं टाइपिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने एकजुट होकर प्रस्तावित निजीकरण का विरोध किया।धरना समाप्त होने के बाद अधिवक्ताओं और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने नगर के प्रमुख मार्गों पर पैदल मार्च निकाला। इसके बाद राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपकर निबंधन विभाग के निजीकरण के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने की मांग की।वक्ताओं ने कहा कि निबंधन कार्यालयों का निजीकरण पारदर्शिता और जवाबदेही को प्रभावित करेगा तथा अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं, टाइपिस्टों सहित इस व्यवस्था से जुड़े हजारों लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल असर डालेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने प्रस्ताव वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।दी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.के. शोला चौहान ने आंदोलन को जनहित और रोजगार से जुड़ा बताते हुए सभी सामाजिक, राजनीतिक एवं किसान संगठनों से समर्थन की अपील की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रदेश की सभी बार एसोसिएशनों से भी निजीकरण के विरोध में एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन करने का आह्वान किया।धरना-प्रदर्शन में जितेंद्र यादव, युवराज सिंह चौहान, नरेश प्रताप, गौरी शंकर गुप्ता, देवेंद्र दीक्षित, जय प्रकाश गुप्ता, रनवीर सिंह, मुरारी लाल शर्मा, विपिन कुमार, सुरेश चंद्र, राधेश्याम यादव, महेश चंद्र अंजाना, ब्रजेश यादव, प्रमोद बघेल, महेंद्र सिंह यादव, वीरपाल सिंह यादव, अवनेश कुमार शर्मा, भरत सिंह कुशवाह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, कातिब, स्टाम्प विक्रेता और टाइपिस्ट मौजूद रहे।

बयानबाजी के बाद बढ़ी परेशानी, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज हुआ नया मामला
बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, असम में बाढ़ से 50 की मौत, हजारों घरों में ब्लैकआउट
इराक से वेस्ट बैंक तक हिंसा, धमाकों और गोलीबारी से फिर भड़का तनाव
बैठक खत्म, सहमति नहीं; कल फिर आमने-सामने होंगे सरकार और CJP
अस्पताल में सेवाएं प्रभावित, 21 कर्मचारियों की नौकरी जाने पर बढ़ा विवाद
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, विवाहित बेटियों को भी मिलेगा अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार
समुद्र में शक्ति प्रदर्शन! चीन-फिलीपींस विवाद ने फिर बढ़ाया क्षेत्रीय तनाव
तृतीय सोपान एवं निपुण टेस्टिंग कैंप का आगाज, स्काउट्स-गाइड्स करेंगे हुनर का प्रदर्शन
प्रदर्शन के बीच दिल्ली में सख्ती, इंटरनेट पर पाबंदी और मेट्रो सेवाएं प्रभावित