आग की लपटों और धमाकों से दहशत, पटाखा फैक्ट्री हादसे में 7 की मौत
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ संचालित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक भयंकर आग लग गई, जिसके बाद एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। इन विस्फोटों की आवाज से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल निर्मित हो गया। इस भीषण अग्निकांड में अब तक 15 साल के एक बच्चे समेत 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, मृत घोषित किए गए लोगों में से 5 की पहचान हो चुकी है, जबकि 2 शवों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
धमाकों के साथ फैली आग, बाहर निकलने का नहीं मिला मौका
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले फैक्ट्री परिसर से धुएं का तेज गुबार उठता दिखाई दिया। इसके कुछ ही सेकंड के भीतर वहां सिलसिलेवार बम धमाके होने लगे। आग इतनी तेजी से भड़की और फैली कि फैक्ट्री के भीतर काम कर रहे मजदूरों को बाहर भागने तक का अवसर नहीं मिल सका। घटना की भयावहता को देखते हुए आसपास के मकानों और दुकानों में मौजूद लोग भी अपने-अपने घरों को छोड़कर सड़कों पर आ गए।
घंटों की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने पाया काबू
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना हुईं। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। मलबे से निकाले गए घायलों को एम्बुलेंस के जरिए तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों के मुताबिक कुछ झुलसे हुए लोगों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
अवैध रूप से संचालित होने की आशंका, जांच शुरू
शुरुआती जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि फैक्ट्री के भीतर भारी मात्रा में रखे बारूद और अन्य ज्वलनशील पदार्थों के संपर्क में चिंगारी आने से यह हादसा हुआ। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इस बात की बारीकी से जांच कर रहे हैं कि रिहायशी इलाके के पास चल रही इस पटाखा निर्माण इकाई के पास वैध लाइसेंस और जरूरी सुरक्षा उपकरण थे या नहीं। कुछ इनपुट्स के अनुसार, इस बात की भी प्रबल आशंका है कि यह फैक्ट्री बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से चलाई जा रही थी।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
हादसे के बाद सुरक्षा के लिहाज से पूरे प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी (सील) कर दी गई है। आग लगने के असली कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और प्रशासनिक जांच टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। FSL की टीम घटनास्थल से मलबे और बारूद के सैंपल (सबूत) एकत्र कर रही है ताकि विस्फोट की सही वजह सामने आ सके। उच्च अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही बरतने वाले और अवैध रूप से फैक्ट्री चलाने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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