पीएम की हाई लेवल मीटिंग में आर्थिक हालात की समीक्षा, युद्ध पर विशेषज्ञों का विश्लेषण
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी भारी तनाव और उसके दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-लेवल बैठक की. इस बैठक में न सिर्फ देश के मौजूदा आर्थिक हालात का बारीकी से आकलन किया गया, बल्कि भविष्य के संकटों से निपटने और भारत की लंबी अवधि की विकास रणनीति (दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों) पर भी विस्तार से मंथन हुआ.
गिरावट झेलते रुपये और आरबीआई के बड़े कदमों के बीच हुई बैठक
यह अहम बैठक ऐसे समय पर बुलाई गई है, जब इसके ठीक एक दिन पहले ही वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी निवेश को आकर्षित करने और लगातार कमजोर हो रहे रुपये को सहारा देने के लिए कई बड़े कदमों का ऐलान किया था. दरअसल, जनवरी 2026 से लेकर अब तक डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में करीब 6 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आ चुकी है, जिसने सरकार और नीति निर्माताओं की चिंताएं बढ़ा दी हैं. बैठक में परिषद के सदस्यों ने पश्चिम एशिया संकट के चलते भारत और वैश्विक बाजार पर पड़ने वाले असर का पूरा ब्यौरा प्रधानमंत्री के सामने रखा.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी, विकास दर पर विशेषज्ञों की नजर
बैठक संपन्न होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर इस चर्चा की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि बैठक में भारत के आर्थिक बदलावों, सुधारों को और तेज करने, तथा देश में 'ईज ऑफ लिविंग' (सुलभ जीवन) व 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (व्यापार में आसानी) को और ज्यादा मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ. यह बैठक इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में पश्चिम एशिया संकट के कारण देश में आर्थिक सुनामी आने की आशंका जताई थी. हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की शानदार विकास दर हासिल की है, लेकिन कई बड़े अर्थशास्त्रियों का मानना है कि वैश्विक संकट को देखते हुए आने वाले समय में रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है. खुद आरबीआई भी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर चुका है.
क्या है EAC-PM और कौन हैं इसके मुख्य चेहरे?
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) एक पूरी तरह से स्वतंत्र संस्था है, जिसका मुख्य काम सीधे प्रधानमंत्री को आर्थिक और उससे जुड़े नीतिगत मामलों पर विशेषज्ञ सलाह देना है. यह परिषद देश की आर्थिक दिशा तय करने में सरकार को समय-समय पर जरूरी सुझाव देती है. वर्तमान में इस खास परिषद का नेतृत्व एस. महेंद्र देव कर रहे हैं. इनके अलावा देश के जाने-माने विशेषज्ञ संजय कुमार मिश्रा, संजीव सान्याल और शामिका रवि इस परिषद में पूर्णकालिक सदस्यों के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

CJP आंदोलन के बीच बढ़ा विवाद, मेट्रो स्टेशन बंद होने पर CJI ने मांगा समाधान
राजनीतिक प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप, BJP-कांग्रेस भिड़ंत में 16 पुलिसकर्मी जख्मी
होर्मुज के बाद बाब-अल-मंदेब पर नजर, बंद हुआ रास्ता तो बढ़ सकती है वैश्विक मुश्किलें
बरगी के सालीवाड़ा में बवाल, दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प; एक की मौत
'जन नायकन' के लीक ने बढ़ाई टेंशन, फिल्म इंडस्ट्री में छिड़ी नुकसान बनाम 'जीरो इम्पैक्ट' की जंग
PM आवास योजना से लेकर जनसमस्याओं तक, शिकायतों के बाद भी निगम प्रशासन बेखबर
ट्रंप की नई टैरिफ नीति से बदलेगा वैश्विक व्यापार, भारत के लिए सुनहरा मौका
जंतर-मंतर प्रदर्शन: CJP बोला- 'ज्यादातर पुलिसकर्मी सुरक्षित, मामूली चोटें आईं'
विपक्ष की मांग के बावजूद धर्मेंद्र प्रधान पर सरकार का भरोसा बरकरार?
एयरोस्पेस सेक्टर में भारत की बड़ी छलांग, HAL और Safran समझौते से देश में बनेंगे इंजन पार्ट्स