वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद एक्जिम बैंक FY2027 में 10% ऋण वृद्धि पर केंद्रित
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे गंभीर भू-राजनीतिक संकट और उथल-पुथल के बावजूद, भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एक मजबूत कदम उठाया है। बैंक ने नए वित्तीय वर्ष में अपनी लोन बुक (ऋण पुस्तिका) को स्थिर मुद्रा के आधार पर 10 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। बैंक की प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हर्षा बंगारी ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक चुनौतियों के बाद भी भारतीय निर्यातकों की मदद करने और उन्हें वित्तीय संबल देने के लिए बैंक यह क्रेडिट ग्रोथ हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
विदेशी मुद्रा का गणित और कर्ज का बदलता ट्रेंड
एक्ज़िम बैंक ने पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) के दौरान अपने लोन डिस्ट्रीब्यूशन में 12 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्ज की थी। हालांकि, इस बड़ी उछाल के पीछे विदेशी करेंसी के उतार-चढ़ाव की मुख्य भूमिका थी, जिसका बैंक के कुल आंकड़ों पर करीब 5 फीसदी तक का सीधा असर पड़ा था। सीईओ हर्षा बंगारी ने बताया कि बैंक की कुल लोन बुक का 58 प्रतिशत हिस्सा विदेशी मुद्रा में है, जबकि बाकी का हिस्सा भारतीय रुपये में दिया गया है। आने वाले समय में देश के निर्यातकों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि रुपये में लोन लेने का चलन और तेजी से बढ़ेगा।
मिडिल ईस्ट संकट का फिलहाल मामूली असर, लंबी अवधि के प्रोजेक्ट सुरक्षित
चूंकि एक्ज़िम बैंक द्वारा दिए जाने वाले ज्यादातर लोन मध्यम से लंबी अवधि (लॉन्ग टर्म) के लिए होते हैं, इसलिए पश्चिम एशिया के मौजूदा तनाव का इस पर तुरंत कोई बड़ा नुकसान नहीं दिख रहा है। इस अशांत क्षेत्र में बैंक का निवेश बहुत सीमित है, जिससे कर्ज की रिकवरी पर कोई आंच नहीं आई है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो सप्लाई चेन प्रभावित होने से भारतीय निर्यातकों के मुनाफे पर दबाव आ सकता है। ऐसी स्थिति में निर्यातक विदेशी बाजारों की बजाय घरेलू मार्केट का रुख कर सकते हैं, जिससे बैंक की नई क्रेडिट ग्रोथ की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है।
लैटिन अमेरिका बना नया ठिकाना, ब्राजील में खुला नया दफ्तर
भारतीय व्यापारिक कंपनियों में वैश्विक आर्थिक झटकों को झेलने का लंबा अनुभव है। इससे पहले भी अमेरिकी टैरिफ विवाद के समय भारतीय कारोबारियों ने नए देशों में अपने पैर पसारकर खुद को सुरक्षित कर लिया था। इसी रणनीति के तहत अब भारतीय निर्यातकों का मुख्य फोकस लैटिन अमेरिकी देशों पर है। इन नए और उभरते हुए बाजारों में भारतीय कारोबारियों को हर संभव मदद देने के लिए एक्ज़िम बैंक ने ब्राजील के प्रमुख शहर साओ पाउलो में अपना नया दफ्तर खोलकर कामकाज शुरू कर दिया है।
निर्यातकों की मदद के लिए बाजार से जुटाए जाएंगे 99,500 करोड़ रुपये
व्यापारियों को कर्ज की कमी न हो, इसके लिए एक्ज़िम बैंक ने पूंजी जुटाने का एक बेहद आक्रामक और बड़ा प्लान तैयार किया है। बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान बाजार से कुल 99,500 करोड़ रुपये का फंड जुटाने की घोषणा की है, जो पिछले साल के 86,000 करोड़ रुपये के उधारी लक्ष्य से काफी ज्यादा है। इस महा-योजना के तहत विदेशी बाजारों से भी बांड जारी करके लगभग 3.5 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी है, जिसकी रूपरेखा को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। वैश्विक संकटों के बीच बैंक का यह कदम भारतीय निर्यात क्षेत्र को नई ऊर्जा देने वाला साबित होगा।

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