CM शुभेंदु का आदेश, मंदिर-मस्जिद सहित सभी धार्मिक स्थलों पर ध्वनि नियंत्रण लागू
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में हालिया प्रशासनिक फेरबदल के बाद राज्य सरकार ने ध्वनि प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए कमर कस ली है। सरकार ने लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर नई और बेहद सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर शांति व्यवस्था बनाए रखना और रिहायशी इलाकों में बढ़ते शोर के स्तर को नियंत्रित करना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम पर्यावरण सुरक्षा और आम नागरिक के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
हाईकोर्ट के मानकों का पालन अनिवार्य
राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में पुलिस विभाग को सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी परिस्थिति में माननीय उच्च न्यायालय (High Court) द्वारा निर्धारित ध्वनि मानकों की अनदेखी न हो। चाहे वह धार्मिक स्थल हो, कोई सार्वजनिक उत्सव या कोई निजी सामाजिक आयोजन—सभी को लाउडस्पीकर का उपयोग करते समय तय की गई 'डेसिबल सीमा' के भीतर ही रहना होगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि आयोजकों को कार्यक्रम से पहले स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेना और नियमों के पालन का वचन देना अनिवार्य होगा।
24 घंटे निगरानी और सख्त एक्शन मोड
प्रशासन ने केवल नियम नहीं बनाए हैं, बल्कि उनके क्रियान्वयन के लिए निगरानी तंत्र को भी सक्रिय कर दिया है। जिला अधिकारियों और स्थानीय थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से ध्वनि स्तर की निगरानी करें।
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निगरानी: ध्वनि मापक यंत्रों (Sound Level Meters) के जरिए औचक निरीक्षण किया जाएगा।
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कार्रवाई: यदि किसी भी स्थान पर ध्वनि स्तर सीमा से अधिक पाया जाता है, तो न केवल उपकरण जब्त किए जाएंगे, बल्कि संबंधित आयोजकों या संस्थान के खिलाफ तत्काल कानूनी मामला भी दर्ज किया जाएगा।
सार्वजनिक शांति और स्वास्थ्य पर जोर
राज्य सरकार के इस फैसले को विशेषज्ञों द्वारा एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। अस्पताल, स्कूल और शांत क्षेत्रों (Silence Zones) के आसपास लाउडस्पीकर के उपयोग पर पहले से ही पाबंदी है, लेकिन अब नई गाइडलाइंस के माध्यम से पूरे राज्य में एक समान व्यवस्था लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उल्लंघनकर्ताओं पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

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