काला धागा पहनने का रहस्य: सही गांठ जरूरी, गलत बांधने से आता है अशुभ प्रभाव
काला धागा आजकल फैशन ट्रैंड बन गया है. बच्चे हों या बड़े हर कोई इसे सुरक्षा कवच मानकर धारण कर लेता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्योतिष शास्त्र में काला धागा बांधने के कुछ अत्यंत कड़े नियम बताए गए हैं? यदि इसे सही मुहूर्त, सही गांठ और सही राशि के अनुसार न पहना जाए तो यह सकारात्मकता लाने के बजाय आपके जीवन में आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां खड़ी कर सकता है.
काला धागा मुख्य रूप से शनि ग्रह का प्रतीक माना जाता है और इसे धारण करने का अर्थ है अपने शरीर की ऊर्जा को एक विशिष्ट दिशा देना. लेकिन कुछ खास राशियों के लिए काला धागा पहनना वर्जित है, क्योंकि इसका उन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. इतना ही नहीं काला धागा बांधने का सही तरीका भी है. अगर गांठों को गलत तरीके से बांधा तो यह छोटी सी गलतियां हैं जो आपको कंगाल बना सकती हैं.वहीं मेष और वृश्चिक राशि के जातकों को काला धागा पहनने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए.
वास्तु विशेषज्ञ डॉ. जय मदन ने न्यूस्क्रैब को काला धागे के बारे में बताते हुए कहा कि काला धागा बांधने से दुर्भाग्य और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. खासकर पैरों में काला धागा बांधने के विशेष फायदे हैं. इससे बुरी नजर से बचाव होता है. वही यह हमारे आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति को भी बढ़ाता है. हालांकि विज्ञान इस बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहता, फिर भी यह मानसिक धारणा कि इसे पहनने से हम सुरक्षित रहेंगे. यह हमें अधिक सुरक्षा प्रदान करेगा और हमें मानसिक रूप से मजबूत बनाएगा.
अब सवाल है कि काला धागा किस दिन बांधना चाहिए. डॉ. जय मदन के मुताबिक शुक्रवार को काला धागा बनाना और शनिवार को पहनना शुभ माना जाता है. यह मानसिक शक्ति प्रदान करता है. विशेषकर बच्चों और महिलाओं के लिए, इसे बांधने से बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है. जब हम यह सोचकर कि काला धागा बांधते हैं कि यह हमारी रक्षा करेगा तो हम निडर हो जाते हैं. इस काले धागे के पीछे वास्तु,आस्था और ज्योतिष का संयोजन है.
काला धागे को पैरों में लपेटने से पहले इसकी गांठ का विशेष नियम है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब आप काले धागे को पैरों में बांधते हैं तो इसमें 7 गांठे होनी चाहिए. यह शुभ फल देता है. लेकिन इस गांठ को बांधते समय प्रत्येक गांठ पर तुलसी के पत्ते या तुलसी का रस लगाने से सकारात्मक ऊर्जा आती है. ऐसा माना जाता है कि प्रत्येक गांठ पर केसर लगाने से बुरे परिणाम दूर होते हैं और अच्छे परिणाम तथा सुरक्षा प्राप्त होती है. धागा बनाते समय इच्छित देवता की पूजा करने से आध्यात्मिक शक्ति और भी बढ़ जाती है. सही गांठ से तैयार किए गए धागे को एक रात के लिए पूजा कक्ष में रखना चाहिए. इससे देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
कितने गांठ बांधने चाहिए? शनिवार को तांबे के पेड़ के नीचे काला धागा बांधना विशेष रूप से शुभ माना जाता है. इसे आमतौर पर बाएं हाथ या बाएं पैर पर बांधना शुभ माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि बायां हाथ नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश को रोकता है. पुरुषों को आमतौर पर सात गांठ वाला धागा पहनने की सलाह दी जाती है, लेकिन कुछ परंपराओं में नौ गांठ वाला धागा भी पसंद किया जाता है.
हालांकि ज्योतिषीय दृष्टि से, मेष, वृश्चिक और सिंह राशि के जातकों को काला धागा पहनने से पहले किसी ज्योतिषी से परामर्श लेना चाहिए, क्योंकि इन राशियों के स्वामी ग्रह मंगल और सूर्य हमेशा काले रंग के अनुकूल नहीं होते. साथ ही, धागा फट जाने या बहुत पुराना हो जाने पर उसे तुरंत बदल देना बेहतर है. ऐसा माना जाता है कि फटा हुआ धागा पहनने से दुष्प्रभाव हो सकते हैं.

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