बैंकिंग और आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को मिला सपोर्ट
नई दिल्ली। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बाजारों में मजबूती के रुझान के बीच, बुधवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में पिछले दो कारोबारी सत्रों की बढ़त को बरकरार रखते हुए तेजी देखी गई। आईटी शेयरों में आई तेज उछाल ने घरेलू बाजारों में भी सकारात्मक रुझान को जन्म दिया। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 518.84 अंक बढ़कर 76,589.68 पर पहुंच गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 157.75 अंक बढ़कर 23,738.90 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे गिरकर 92.43 पर आ गया।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा के अनुसार, बाजार ने अत्यधिक गिरावट और निराशा के स्तर से उभरते हुए रिकवरी दर्ज की है। उन्होंने बताया कि मार्च में विदेशी निवेशकों (FPI) द्वारा कैश इक्विटी से 70,000 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभाला है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बाजार की आगे की दिशा काफी हद तक तेल और गैस आपूर्ति में व्यवधान की तीव्रता और अवधि पर निर्भर करेगी। उनके मुताबिक, यह एक बड़ा अनिश्चित कारक है, जिसे बाजार अभी पूरी तरह से कीमतों में शामिल नहीं कर रहा है। अजय बग्गा ने कहा कि इस सप्ताह का सबसे अहम वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक है। बाजार को उम्मीद है कि फेड फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और 2026 के अंत तक एक संभावित दर कटौती हो सकती है। वहीं, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता और भ्रम का असर बाजार पर साफ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में अनुभवी विशेषज्ञ भी निवेशकों को स्पष्ट रणनीति देने में हिचक रहे हैं।

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