सुप्रीम कोर्ट ने तय किया, गोद लेने वाली महिलाओं को भी मिलेगा मातृत्व अवकाश
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि अपनाया हुआ बच्चा भी प्रजनन स्वतंत्रता का हिस्सा है, इसलिए कोई भी महिला चाहे वह बच्चा कितने महीने की उम्र का अपनाए, उसे 12 हफ्ते की मातृत्व अवकाश मिलनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि 2020 के सोशल सिक्योरिटी कोड की धारा 60(4) जिसमें कहा गया था कि सिर्फ तीन महीने से छोटे बच्चे को अपनाने पर ही मातृत्व अवकाश मिलेगा, यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के खिलाफ है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी कहा कि पितृत्व अवकाश को भी सामाजिक सुरक्षा का हिस्सा मानने वाला प्रावधान बनाया जाए। यह फैसला उस याचिका पर आया जिसमें अधिवक्ता हंसानंदिनी नंदूरी ने चुनौती दी थी। वे कह रही थीं कि धारा 60(4) में तीन महीने की उम्र की शर्त अन्यायपूर्ण और असमानता पैदा करने वाली है।

19 साल पहले जहां से शुरू हुआ था सफर, आज वहीं इतिहास रचेगी विराट की बेंगलुरु
मिशन 2027: यूपी बीजेपी की नई टीम और मंत्रिमंडल विस्तार को जल्द मिल सकती है हरी झंडी
FII का बदला मन: लगातार बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों ने फिर लगाया भारत पर दांव
बांग्लादेश दौरे के लिए पाक टीम घोषित: शान मसूद कप्तान, 4 नए खिलाड़ियों की एंट्री
श्रेयस अय्यर का 'कैप्टन कूल' अवतार; पंजाब किंग्स के प्रदर्शन से गदगद हुए इरफान पठान
वैश्विक तनाव के बीच अमेरिका का बड़ा फैसला: तेल कीमतों को थामने के लिए बढ़ाई समयसीमा
12 साल में पहली बार हारी सरकार; सदन में बहुमत नहीं जुटा पाया '850 सीटों' वाला बिल
23 अप्रैल को पहला चरण: योगी, शाह और फडणवीस की रैलियों से बंगाल में बढ़ेगी तपिश
लगातार 6 हार से हिला कोलकाता नाइट राइडर्स; कोच और कप्तान पर बढ़ा इस्तीफा देने का दबाव