हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सरकार की बड़ी कार्रवाई
बंधुआ। मध्य प्रदेश में बंधुआ मजदूरों की समस्या को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है. यह फैसला हाईकोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया है।
SIT टीम में शामिल है तीन विभागों के सचिव
सरकार द्वारा गठित इस हाई-लेवल एसआईटी में श्रम, राजस्व और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी शामिल किए गए हैं. टीम को बंधुआ मजदूरी से जुड़े मामलों की जांच, निगरानी और समाधान की जिम्मेदारी सौंपी गई है. सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
कमेटी को दिए निर्देश
कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि वह प्रदेश में बंधुआ मजदूरों के मामलों की पहचान करें और उन्हें मुक्त कराने, पुनर्वास सुनिश्चित करने और दोषियों पर कार्रवाई के लिए ठोस कदम उठाए. इस पहल से प्रदेश में बंधुआ मजदूरी जैसे गंभीर मुद्दे पर सख्त कार्रवाई और पीड़ितों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
फैक्ट फोकस
- साल 2025 में छोटेलाल आदिवासी ने बंधुआ मजदूरी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.
- हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को प्रभावी तंत्र बनाने के निर्देश दिए.
- उसी के बाद सरकार ने हाई-लेवल SIT का गठन किया.
- टीम में तीन प्रमुख विभाग – श्रम, राजस्व और गृह विभाग के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे.
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