गुजरात विधानसभा में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, हंगामे से गूंजा सदन
अहमदाबाद| गुजरात विधानसभा के चल रहे सत्र के दौरान एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। खास तौर पर मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जीतू वाघाणी तथा कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक शैलेष परमार के बीच हुई तीखी बहस से सदन का माहौल काफी गरमा गया।
चर्चा की शुरुआत में जीतू वाघाणी ने आक्रामक अंदाज में कहा कि भाजपा पहले ही सात विधानसभा सीटें जीत चुकी है और आने वाली आठवीं सीट भी भाजपा के खाते में ही जाएगी। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया है। हालांकि विवाद उस समय बढ़ गया जब वाघाणी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर व्यक्तिगत टिप्पणी करनी शुरू कर दी। सदन में बोलते हुए उन्होंने कई बार सोनिया गांधी का नाम लेते हुए कटाक्ष किया। उन्होंने विदेशी मूल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता “इम्पोर्ट होकर आए हैं”, जबकि देश को नरेंद्र मोदी जैसे स्वदेशी नेता की जरूरत है।
वाघाणी द्वारा सोनिया गांधी को “इम्पोर्टेड नेता” कहने पर विपक्षी बेंचों पर बैठे कांग्रेस विधायकों ने कड़ा विरोध जताया और सदन में शोरगुल शुरू हो गया। वाघाणी के इन तीखे बयानों के जवाब में कांग्रेस विधायक शैलेष परमार ने मोर्चा संभालते हुए उन्हें कड़ी चेतावनी दी। परमार ने कहा, “आप अपनी सीमा में रहें। यदि आप मर्यादा पार करेंगे तो मुझे पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाना पड़ेगा।” उन्होंने आगे कहा कि यदि पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाया गया तो पूरी टिप्पणी सदन के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज होगी, जिससे भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
मांगों पर चर्चा के दौरान जब शैलेष परमार ने इस तरह का कड़ा रुख अपनाया तो कुछ देर के लिए सदन में सन्नाटा छा गया। परमार ने स्पष्ट कहा कि बार-बार सोनिया गांधी और विदेशी मूल का मुद्दा उठाना सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है। इस दौरान दोनों पक्षों के विधायकों के बीच जोरदार नारेबाजी और तीखी बहस भी देखने को मिली, जिससे विधानसभा का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

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