लक्ष्मी वर्मा बनीं राज्यसभा सदस्य, रिटर्निंग ऑफिसर ने सौंपा सर्टिफिकेट
छत्तीसगढ़ में राज्यसभा चुनाव के लिए BJP ने लक्ष्मी वर्मा को मैदान में उतारा था. वहीं अब लक्ष्मी वर्मा निर्विरोध राज्यसभा सांसद बन गई है. रिटर्निंग ऑफिसर मनीष शर्मा ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा है|
पहले भी कई पदों पर रह चुकी है लक्ष्मी वर्मा
लक्ष्मी वर्मा को संगठन में काफी अनुभव रहा है. लक्ष्मी वर्मा जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं. पिछली बार उनकी बलौदाबाजार से टिकट की दावेदारी थी. लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला. बीजेपी में प्रदेश प्रवक्ता रही हैं. महिला मोर्चा के भी कई पदों पर रह चुके हैं|
समझिए जातिगत समीकरण
लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा भेजने के पीछे जातिगत समीकरण एक बड़ा कारण है. पिछली बार बीजेपी ने जिसे राजगढ़ से राज्यसभा भेजा था, वो आदिवासी वर्ग से थे. इसलिए इस बार ये कहा जा रहा था कि ओबीसी वर्ग या एससी वर्ग से किसी का नाम आ सकता है. लक्ष्मी वर्मा ओबीसी वर्ग से कुर्मा समाज से आती हैं. उन्हें पार्टी जो भी काम देती है, उसे वे बखूबी निभाती हैं. विधानसभा चुनाव के पहले उन्होंने पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता के रूप में भी काफी बेहतर काम किया था. वे जिस समाज से आती हैं, उसी समाज से छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी आते हैं. इसलिए पावर बैलेंस करने के लिए, महिला चेहरा, जातिगत समीकरण को देखते हुए बीजेपी को लक्ष्मी वर्मा सबसे सही कैंडिडेट थी|
संघ की करीबी रहीं
जानकार बताते हैं कि लक्ष्मी वर्मा को पार्टी ने जब भी जो पद दिया, उस पद को उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया. आरएसएस में वे काफी दिनों से सक्रिय हैं. संघ की वे काफी करीबी भी रही हैं. बीजेपी ने इससे पहले एक मात्र महिला नेता सरोज पांडेय को राज्यसभा भेजा था. सरोज पांडेय का कुछ दिनों पहले ही कार्यकाल पूरा हुआ है. अब बीजेपी छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए जाने वाली ये दूसरी महिला होंगी|

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