बैतूल में दिल दहला देने वाली वारदात, माता-पिता और भाई की हत्या
बैतूल| के सावंगा गांव में ट्रिपल मर्डर की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई जहां पढ़ाई में कभी टॉपर रहे एक युवक ने अपने माता पिता और छोटे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी. आरोपी 12 घण्टे तक शवों के बीच बैठा रहा. जब सुबह हत्या का खुलासा हुआ तो पुलिस पहुंची. फोरेंसिक जांच से पहले इसे ट्रिपल मर्डर माना जा रहा था, लेकिन बाद में मालूम हुआ कि तीन नहीं चार लाेगों का मर्डर हुआ है|
सावंगा गांव में दहशत का माहौल
एक मकान के अंदर सामान और अनाज बिखरा पड़ा था. चारों तरफ खून के धब्बे और संघर्ष के निशान ये गवाही दे रहे थे कि यहां जिंदा बचने के लिए तीन लोगों ने कैसे संघर्ष किया होगा. अंदर तीन लाशें पड़ी थी जिनके पास एक युवक बैठा हुआ था. जब पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची तो हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई|लाशों के पास बैठा युवक था दीपक धुर्वे और उसके आसपास पड़ी तीन लाशें उसकी माता-पिता और छोटे भाई की थी. जिनका दीपक ने बहुत ही बेरहमी से कत्ल किया था. इतना ही नहीं पुलिस को तीन लाशें मिलने के बाद एक लाश और मिली जो एक पालतू बिल्ली की थी. उसे भी दीपक ने सिर कुचलकर मार डाला था|
मानसिक रूप से बीमार है आरोपी
दीपक ने बुधवार रात ही उसके माता-पिता और छोटे भाई को लाठी और सरिए से पीट-पीट कर मार डाला था. घर मे मौजूद उसके भांजे पर भी हमला किया लेकिन वो बच गया. दीपक पिछले तीन चार साल से मानसिक रूप से बीमार है. लेकिन उसे अचानक ऐसा क्या हुआ कि उसने मौत का तांडव मचा दिया इसके पीछे का सच अभी भी किसी को नहीं पता लग सका|
12वीं कक्षा में किया था टाॅप
बताया जा रहा है कि आरोपी दीपक पढ़ाई में काफी होशियार था और 12वीं कक्षा में क्लास का टॉपर भी रहा. वो सेना में जाना चाहता था लेकिन उसका सिलेक्शन नहीं हो रहा था. जिसके बाद पिछले कुछ दिनों से वो अजीब हरकतें करने लगा था|
घटना का नहीं है कोई चश्मदीद
घटना का चश्मदीद गवाह तो कोई नहीं है, लेकिन घटनास्थल खुद में एक गवाही है कि आरोपीई दीपक ने कितनी निर्दयता से माता-पिता और छोटे भाई की हत्या कर दी. मौके से पुलिस को खून से सने सरिया और डंडे मिले हैं, जिनसे दीपक ने हत्या को अंजाम दिया|
जांच में जुटी पुलिस
मानसिक रूप से बीमार कोई व्यक्ति यदि हत्या या अन्य अपराध करता है तो उसे कानून से राहत मिलती है लेकिन जिस तरह ये वारदात सामने आई है उसमें तो इस बात का बारीकी से परीक्षण होना ज़रूरी है कि वाकई दीपक मानसिक रोगी था, या उसने केवल डिप्रेशन के चलते इस वारदात को अंजाम दिया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है|

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