Grand Mufti of India: कौन हैं केरल में जन्मे मुस्लिमों के मसीहा शेख अबू बक्र अहमद? PM Modi से मुलाकात की हो रही चर्चा
Grand Mufti of India: सोमवार को पीएम मोदी ने दिल्ली में भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद से मुलाकात की. इस दौरान कई विषयों पर दोनों के बीच लंबे समय तक चर्चा भी हुई. इस मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं. PM Modi अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा है कि “उनकी भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद साहब के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई. हमने कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया”.
इन मुख्य मुद्दों पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “सामाजिक सद्भाव, भाईचारे को बढ़ाने और शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए उनके प्रयास उल्लेखनीय हैं. इस मुलाकात में सामाजिक, मानवीय, शैक्षिक और विकासात्मक मुद्दों, अल्पसंख्यक कल्याण मामलों और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों सहित कई विषयों पर चर्चा हुई. लेकिन क्या आप जानते है कि आखिर ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद हैं कौन? और दुनिया भर में उनकी पीएम मोदी के साथ हुई मुलाकात चर्चा का केंद्र क्यों बन रही है.
कौन हैं ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बक्र अहमद?
दरअसल शेख अबू बक्र अहमद भारत के प्रमुख इस्लामी धर्मगुरुओं में से एक हैं और उन्हें भारत का ग्रैंड मुफ्ती कहा जाता है. इन्हें सूफी परंपरा का बड़ा विद्वान व्यक्ति माना जाता है. वे इस्लाम की उदार, शांतिपूर्ण और समावेशी व्याख्या के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हैं. खास बात ये है कि शेख अबूबक्र अहमद का जन्म भारत के केरल राज्य के कंथापुरम में 1931 में हुआ था. वह केरल के एक जाने-माने सुन्नी स्कॉलर हैं, जो कई तरह के सामाजिक कामों को कर रहे हैं. साथ ही ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलमा को लीड करते हैं. शेख अबू बक्र अहमद भारत के 10 वें मौजूदा ग्रैंड मुफ्ती हैं. इस पद के पर उन्हें फरवरी 2019 में नियुक्त किया गया था.
20 हजार प्राइमरी एजुकेशन सेंटर की देखरेख
गौरतलब है कि जामिया मरकज के फाउंडर के तौर पर, उन्होंने भारत के सबसे बड़े एजुकेशनल और ह्यूमैनिटेरियन नेटवर्क में से एक बनाया है, जो 200 से ज़्यादा इंस्टीट्यूशन, 300+ CBSE स्कूल और 20 हजार प्राइमरी एजुकेशन सेंटर की देखरेख करते हैं.

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