SIR अभियान पर फोकस बढ़ाने के लिए CM योगी ने विधायकों-सांसदों को दिए सख्त निर्देश
लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के सभी सांसदों, विधायकों, एमएलसी, जिलाध्यक्षों, नगर निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के प्रमुखों को साफ शब्दों में निर्देश दिया है कि वे शादी-बारात सहित हर निजी और सामाजिक काम अगले 7-8 दिन के लिए पूरी तरह स्थगित कर दें और सिर्फ SIR के अभियान को सफल बनाने में जुट जाएं |
बुधवार शाम अपने सरकारी आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूरे प्रदेश के भाजपापदाधिकारियों से संवाद करते हुए सीएम योगी ने कड़ा संदेश दिया, “अब कोई बहाना नहीं चलेगा. एक भी रोहिंग्या या बांग्लादेशी घुसपैठिए का नाम उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में नहीं रहना चाहिए. यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है. अगले 7-8 दिन तक आप सब हर दूसरा काम छोड़ दें और SIR अभियान को धरातल पर उतारें.”
दोनों डिप्टी सीएम को भी सौंपी जिम्मेदारी |
सीएम ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों – केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक – को उनके प्रभार वाले 25-25 जिलों की विशेष जिम्मेदारी सौंपी है. इन जिलों में घुसपैठियों की पहचान और मतदाता सूची से नाम कटवाने की प्रक्रिया पर दोनों डिप्टी सीएम खुद नजर रखेंगे. योगी ने कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता, हर पदाधिकारी अब पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर घर-घर, झुग्गी-झोपड़ी और संदिग्ध स्थानों पर जाकर दस्तावेजों की जांच करे. जो लोग वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाएँ, उनकी सूची तुरंत प्रशासन को सौंपी जाए |
दी सख्त चेतावनी
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “जिस जिले में एक भी अवैध घुसपैठिए का नाम वोटर लिस्ट में रहेगा, उस जिले के संगठन और प्रशासन दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.” इस बैठक में प्रदेश भर के सांसद, विधायक, एमएलसी, सभी जिलाध्यक्ष, महापौर, नगरपालिका अध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष समेत हजारों पदाधिकारी जुड़े थे. बैठक के बाद कई नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में तुरंत टीमें गठित कर अभियान शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं. भाजपा सूत्रों का कहना है कि यह अभियान 15 दिसंबर तक चलेगा और इसके बाद पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी |

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