मतदाता सूची में भारी कटौती संभव, एमपी में फॉर्म सबमिशन में लापरवाही उजागर
भोपाल | मध्य प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटने की आशंका है. केंद्रीय चुनाव आयोग ने गणना पत्रक जमा करने की आखिरी तारीख बढ़ा दी है, लेकिन शुरुआती आकलन बताते हैं कि अब भी लगभग 40 लाख 93 हजार फॉर्म बूथ लेवल ऑफिसर्स को वापस नहीं मिले हैं. ऐसे मामलों में मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल होने की संभावना बेहद कम है |
प्रदेश में 7 प्रतिशत से ज्यादा फॉर्म नहीं हुए जमा
चुनाव आयोग के अनुसार, करीब 5.74 करोड़ मतदाताओं वाले प्रदेश में 99 प्रतिशत से ज्यादा गणना पत्रक घर-घर बांटे गए थे, लेकिन 7 प्रतिशत से अधिक फॉर्म अभी तक जमा नहीं हुए हैं. इसके अलावा 49 हजार से ज्यादा ऐसे फॉर्म भी हैं, जो बांटे ही नहीं जा सके. माना जा रहा है कि इन रिकॉर्ड्स में दर्ज कई मतदाता या तो अब इस दुनिया में नहीं हैं या स्थायी रूप से अन्य जगह शिफ्ट हो गए हैं |
जहां 39 जिलों में 95 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है, वहीं मंडला, अशोकनगर, नीमच, बैतूल, गुना और सीहोर में SIR का काम पूरी तरह समाप्त हो चुका है. लेकिन भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में अब भी काफी गणना पत्रक लंबित हैं, जिससे ये जिले पीछे चल रहे हैं |
फॉर्म नहीं भरने वालों को जारी होंगे नोटिस
चुनाव अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों ने फॉर्म नहीं भरे या बीएलओ से संपर्क नहीं हुआ, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे. आयोग के अनुसार, जिनके फॉर्म वापस नहीं आएंगे, उनके नाम मतदाता सूची से हटाना मजबूरी होगी क्योंकि उनकी जानकारी सत्यापित नहीं हो पाई है |

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