यूपी में आंशिक शीतलहर का असर खत्म, मौसम विभाग ने जारी की धुंध और कोहरे की चेतावनी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बीते दो दिनों से चल रही पुरवाई से माैसम में हल्का बदलाव देखने को मिला है। बृहस्पतिवार को कई इलाकों में दिन की धूप में तपिश गायब रही और दोपहर बाद धुंध का असर रहा। रात में शीतलहर से निजात रही लेकिन सुबह के वक्त पूर्वांचल और अवध के कुछ क्षेत्रों में कोहरे की चादर देखने को मिली। कोहरे के असर से अमेठी में तड़के सुबह दृश्यता 300 मीटर तक सिमट गई। माैसम विभाग का कहना है कि फिलहाल तीन दिनों तक दिन व रात के पारे में कोई खास बदलाव के आसार नहीं है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनों तक माैसम में फिलहाल ठहराव के संकेत हैं। इसके बाद प्रदेश में दोबारा पछुआ हवाओं का दाैर शुरू होगा। साथ ही यहां के माैसम में दोबारा बदलाव की संभावना बनेगी।
खिली धूप में चली पुरवाई, शाम ढलते ही छाई धुंध
राजधानी में बृहस्पतिवार को पूरे दिन पूर्वा हवाएं चलीं। दिन में अच्छी धूप भी खिली रही। शाम ढलने के साथ ही हल्की धुंध का असर दिखाई दिया। माैसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिन पूर्वा हवाओं के असर से सुबह और देर शाम हल्के कोहरे व धुंध का असर दिखाई देगा। दिन में छिटपुट बादल भी नजर आ सकते हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिन तक दिन व रात के तापमान में कोई खास बदलाव के संकेत नहीं हैं। 23 नवंबर से प्रदेश में दोबारा पछुआ हवाओं का दाैर शुरू होने के संकेत हैं। पछुआ के प्रभावी होने से माैसम में दोबारा बदलाव की संभावना बनेगी। ठंड और गलन में भी इजाफा हो सकता है।
राजधानी में बृहस्पतिवार को दिन का अधिकतम तापमान 0.1 डिग्री की मामूली बढ़त के साथ 27.8 डिग्री सेल्सियस और बीती रात का न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री की बढ़त के साथ 14 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड हुआ।
लखनऊ की हवा का हाल
बृहस्पतिवार को लखनऊ का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 192 रहा। गोमतीनगर, तालकटोरा और अलीगंज में वायु गुणवत्ता सूचकांक क्रमश: 201, 222 और 230 अंक के साथ ऑरेंज श्रेणी में रहा, जो हवा की सेहत के हिसाब से खराब है। बाकी तीन इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक पीली श्रेणी में रहा।

राशिफल 15 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
माओवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर का सर्वांगीण विकास होगा: मंत्री राम विचार नेताम
अम्बिकापुर में विकास को नई रफ्तार
ड्रोन के साथ अपने हौसलों को उड़ान दे रही हैं सरूपी मीणा
अल्पविराम की अवधारणा जीवन और कार्य के संतुलन के लिये अत्यंत आवश्यक : अर्गल
चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति
जल जीवन मिशन से संवरी बुलगा की तस्वीर, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल
नगरीय निकायों के कायाकल्प और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिये दो दिवसीय "शहरी सुधार कार्यशाला" का हुआ समापन
संकल्प से समाधान अभियान’ से त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण हुआ सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन