‘सारे बवाल की जड़ RSS, लगना चाहिए बैन’, मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली: कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर फिर से प्रतिबंध (Banned) लगाया जाना चाहिए क्योंकि देश में कानून व्यवस्था (Law and Order) से जुड़ी ज्यादातर गड़बड़ियों के लिए यही संगठन जिम्मेदार है. उन्होंने यह भी कहा कि ये उनके व्यक्तिगत विचार हैं.
खरगे ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कहा, ”मेरा व्यक्तिगत विचार है कि प्रतिबंध लगाना चाहिए.” उन्होंने दावा किया कि देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी ज्यादातर गड़बड़ियों के लिए आरएसएस और भाजपा जिम्मेदार हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी झूठ को सच में बदलने में माहिर हैं. उन्होंने कहा कि पटेल ने भारत के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक स्वरूप की रक्षा के लिए आरएसएस को प्रतिबंधित किया था. उन्होंने कहा, ”आप हर चीज के लिए कांग्रेस को दोष देते हैं तो अपनी करतूत को भी देख लीजिए.”
खरगे ने कहा, ”सच को जितना मिटाने की कोशिश कर लो, वह नहीं मिटेगा.” उनका कहना था, ”वे (प्रधानमंत्री और भाजपा) हमेशा स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के बीच झगड़ा दिखाने की कोशिश करते हैं, जबकि नेहरू और पटेल के बहुत अच्छे रिश्ते थे और पटेल ने नेहरू को जनता का नेता बताया था.”
उन्होंने कहा, ”भाजपा से कहना चाहता हूं कि दही में कंकड़ मत ढूंढो. आपका इतिहास सबको मालूम है. नेहरू ने ही सबसे पहले गुजरात में पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया था और सरदार सरोवर बांध की बुनियाद रखी थी.”

भोपाल में चंदन रॉय का सम्मान, एलुमनी ऑफ द ईयर अवॉर्ड से नवाजे गए
‘ईसाई समुदाय के खिलाफ कानून’: FCRA संशोधन पर सतीशन का हमला
अंतरिक्ष से अद्भुत नज़ारा: Artemis II ने रचा नया इतिहास
वोटिंग से पहले नियम कड़े: सियासी दलों को विज्ञापन के लिए लेनी होगी अनुमति
पंजाब किंग्स ने हराया, चेन्नई ने बनाया खराब रिकॉर्ड
दीक्षांत समारोह में विदेश मंत्री का बड़ा बयान, युवाओं को दी सफलता की कुंजी
मालदा घेराव मामले में सियासत तेज: माकपा ने अपने रुख का किया बचाव
‘मुस्लिम विरोधी’ बयान पर सियासत गरमाई: पलानीस्वामी ने स्टालिन को दिया जवाब
होर्मुज बंद होने का असर कम करने की तैयारी: खाड़ी देशों की नई ऊर्जा योजना
लंदन में रहने की खबरों पर कोहली का बड़ा बयान