जिले के तीन कॉलेजों ने पोर्टल पर जानकारी नहीं की अपलोड
कोरबा उच्च शिक्षा विभाग रायपुर द्वारा 3 बार स्मरण पत्र जारी हो चुका है, इसके बाद भी कॉलेजों ने ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (एआईएसएचई) पोर्टल पर अपनी जानकारी अपलोड नहीं की है। जानकारी अपलोड नहीं करने वाले कॉलेज प्रबंधन को इसका खामियाजा आगे भुगतना पड़ेगा। क्योंकि कॉलेजों को समय समय पर यूजीसी व शासन से मिलने वाला अनुदान नहीं मिल पाएगा। पोर्टल में अपलोड की जाने वाली जानकारी के आधार पर ही नई नीति तैयार की जाती है।
जानकारी नहीं देने वाले जिले के 3 कॉलेजों में एक गवर्नमेंट द्वारा संचालित है। यह कॉलेज करतला ब्लाक में मड़वारानी के पास ग्राम बंजारी में है। तीन साल बाद भी कॉलेज वहां शुरू नहीं हो पाया है। इस साल उम्मीद थी लेकिन वह भी अधूरी रह गई। जिसके कारण वहां प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या गिनती की हो गई है। अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी बिलासपुर के कुलसचिव शैलेन्द्र दुबे द्वारा संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों को जारी पत्र में एक और मौका दिया गया है। इस बार कॉलेजों को 28 अक्टूबर तक हर हाल में जानकारी अपलोड करनी होगी। कुलसचिव श्री दुबे ने स्मरण पत्र में कहा है कि पर्याप्त समय दिए जाने के बाद भी आपकी संस्था के द्वारा डाटा अपलोड नहीं किया जाना खेद का विषय है। समय सीमा में डाटा अपलोड नहीं किए जाने पर संबंधित कॉलेज को भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय से इनएक्टिव किया जा सकता है। जिसे लिए संबंधित कॉलेज स्वयं जिम्मेदार होंगे।
गवर्नमेंट मॉडल कॉलेज बंजारी के नाम से स्वयं का भव्य भवन है। इसके बाद बीते तीन साल से पीजी कॉलेज में संचालित हो रहा था, इस साल कॉलेज वहां लगना था पर बरपाली कॉलेज में शुरू कर दिया गया। यूजी प्रथम वर्ष प्रथम सेमेस्टर की 270 सीटों पर मात्र 5 छात्रों ने ही प्रवेश लिया। जिफ्सा प्रोफेशनल कॉलेज में 290 सीट हैं, जहां 50 छात्रों ने एडमिशन लिया है। जबकि माता कर्मा कॉलेज में 155 सीट पर एक भी छात्र ने एडमिशन नहीं लिया है।

राशिफल 29 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण