जापान में कांपी धरती, भूकंप के जोरदार झटके लगे, दहशत में लोग
टोक्यो। जापान के होक्काइडो द्वीप में जोरदार भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6 रही। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, यह झटका 10 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी के घायल या हताहत होने की खबर नहीं है। जापान में भूकंप आना कोई नई बात नहीं है। यह देश प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में आता है, जहां चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेट्स- पैसिफिक, फिलीपीन सागर, यूरेशियन और नॉर्थ अमेरिकन प्लेट्स मिलती हैं। इन्हीं प्लेटों की लगातार हलचल से यहां बार-बार भूकंप आते रहते हैं।
बता दें कि पूरा देश एक बेहद सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में है, और उनके पास दुनिया का सबसे घना भूकंपीय नेटवर्क है, यही कारण है कि यहां पर कई भूकंप रिकॉर्ड दर्ज होते हैं। बार-बार भूकंप की घटनाओं के देखते हुए जापान में हाईटेक व्यवस्थओं के साथ- साथ कठोर बिल्डिंग कोड भी लागू किए गए गंकिए हैं। जिसमें भूकंप के असर को कम करने वाली भूकंप-रोधी इमारतें और वॉर्निंग अलॉर्म्स शामिल है। जापान की भूगोलीय अवस्था की वजह से यहां पर भूकंप की फ्रीक्वेंसी बहुत ज्यादा है। ये देश रिंग ऑफ फायर पर स्थित है, जो टेक्टोनिक प्लेट्स का जंक्शन है, यहां पर 4 टेक्टोनिक प्लेट्स जब आपस में टकराती हैं तब धरती में कंपन की स्थित पैदा होती है। यही भूकंप आने का कारण बनता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जापान में एक साल में लगभग 1,500 बार भूकंप आते हैं, यानी हर दिन 2-3 भूकंप की स्थित पैदा होती है। भूकंप के अलावा जापान ज्वालामुखी सक्रिय क्षेत्र भी है।

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