गुरुवार के दिन कुछ काम नहीं करना चाहिए
आपने अक्सर बड़े-बुजुर्गों से सुना होगा कि गुरुवार के दिन कुछ काम नहीं करना चाहिए क्योंकि इनका नकारात्मक प्रभाव जीवन पर होता है और इसकी वजह से आर्थिेक तंगी हो सकती है।
ज्योतििषशास्त्र में भी कुछ ऐसा ही माना गया है कि बृहस्पतिआ ग्रह की अनुकूलता के लिए कुछ ऐसे काम हैं, जो गुरूवार के दिन नहीं करने चाहिए. सुखद पारिवारिक जीवन, शिएक्षा, ज्ञान और धन इनकी कृपा से ही प्राप्त होता है। शास्त्रों के अनुसार कुछ ऐसे काम हैं, जो गुरूवार के दिन नहीं करने चाहिए अन्यथा अनुकूल गुरू भी प्ितिहकूल प्रभाव देता है।
अगर आप पहले से ही आर्थिक परेशानी और दूसरी दिक्कतों से गुजर रहे हैं तो गुरुवार को भूलकर भी इन कामों को न करें.
जानिये कौन से हैं वो काम...
पिनता, गुरू और साधु-संत बृहस्पति का प्रतिनिधि करते हैं. कभी भी इनका अपमान न करें.
खिनचड़ी न तो घर में बनाएं और न खाएं.
नाखून नहीं काटने चाहिए।
महिलाओं को बाल नहीं धोने चाहिए. कहा जाता है की इससे संपत्ति और संपन्नता सुख में कमी आती है।
कपड़े नहीं धोने चाहिए।
क्या करें
गुरुवार को ये कार्य करने से घर में आती है शुभता और बन जाते हैं बिगड़े काम...
सूर्य उदय होने से पहले शुद्ध होकर भगवान विष्णु के समक्ष गाय के शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं।
केसर अथवा हल्दी का तिलक मस्तक पर लगाएं1
पीली चीजों का दान करें।
संभव हो तो व्रत रखें।
भगवान शिव पर पीले रंग के लड्डू अर्पित करें।
केले के पेड़ का पूजन करें, प्रसाद में पीले रंग के पकवान अथवा फल अर्पित करें।
केले का दान करें।

19 साल पहले जहां से शुरू हुआ था सफर, आज वहीं इतिहास रचेगी विराट की बेंगलुरु
मिशन 2027: यूपी बीजेपी की नई टीम और मंत्रिमंडल विस्तार को जल्द मिल सकती है हरी झंडी
FII का बदला मन: लगातार बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों ने फिर लगाया भारत पर दांव
बांग्लादेश दौरे के लिए पाक टीम घोषित: शान मसूद कप्तान, 4 नए खिलाड़ियों की एंट्री
श्रेयस अय्यर का 'कैप्टन कूल' अवतार; पंजाब किंग्स के प्रदर्शन से गदगद हुए इरफान पठान
वैश्विक तनाव के बीच अमेरिका का बड़ा फैसला: तेल कीमतों को थामने के लिए बढ़ाई समयसीमा
12 साल में पहली बार हारी सरकार; सदन में बहुमत नहीं जुटा पाया '850 सीटों' वाला बिल
23 अप्रैल को पहला चरण: योगी, शाह और फडणवीस की रैलियों से बंगाल में बढ़ेगी तपिश
लगातार 6 हार से हिला कोलकाता नाइट राइडर्स; कोच और कप्तान पर बढ़ा इस्तीफा देने का दबाव