कांग्रेस ने दी चेतावनी, आरक्षण बिना विधानसभा सत्र होगा ठप
भोपाल। मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा हॉट टॉपिक में शामिल ओबीसी (OBC) आरक्षण के मामले में कांग्रेस पूरी तरीके से मुखर हो गई है। ओबीसी को आरक्षण देने की लड़ाई में कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि आरक्षण नहीं दिया तो अगला विधानसभा सत्र नहीं चलने देंगे। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार 27 की आरक्षण लागू करने के लिए कोर्ट में हलफनामा दें। इसके साथ ही रुकी हुई नियुक्ति को ही बहाल किया जाए, 13% होल्ड पद पर नियुक्ति की जाए।
बीजेपी के कारण नहीं मिला ओबीसी आरक्षण
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कोर्ट में अड़चन डालने वाले विभागों की जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ और मानना की कार्रवाई की जाए। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव हारने के बाद कोर्ट से ओबीसी आरक्षण के मामले में स्टे लेकर आई थी। आरक्षण बीजेपी के कारण ओबीसी वालों को नहीं मिला। उन्हें उम्मीद है कि आरक्षण सुप्रीम कोर्ट की वजह से मिलेगा। बीजेपी सरकार अब 28 तारीख को आरक्षण को लेकर सब दिल्ली बैठक बुला रही है। इस बैठक की क्या मंशा है, पहले स्पष्ट करें कि ओबीसी को आरक्षण देना है या नहीं।
साढे़ 6 साल बाद भी क्यों लटका आरक्षण
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बैठक का क्या मतलब है? सरकार सुप्रीम कोर्ट में ऐफिडेविट देकर 27 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान करें। साढे 6 साल के बाद भी आखिर आरक्षण को लटका के क्यों रखा गया है। इसको बीजेपी पर जवाब देना चाहिए। जबकि साल 2021 में मुख्य क्षितिज ने सभी विभागों को आदेश जारी करके 27 फीसदी आरक्षण अग्रिम कोर्ट के आदेश नहीं होने तक देने के लिए कहा गया था लेकिन इस पर भी पालन नहीं किया गया। वहीं जीतू पटवारी ने कहा कि ओबीसी को आरक्षण देने की पहल दिग्विजय सिंह सरकार में हुई थी।कमलनाथ आरक्षण को लेकर अध्यादेश लेकर आए थे, अध्यादेश के विरोध में बीजेपी कोर्ट के रास्ते गई थी। बीजेपी ने आरक्षण देने का कोई काम नहीं किया, ओबीसी को आरक्षण अब तक क्यों नहीं मिला है।
6 महीने के बाद बन सकते हैं कई जिला अध्यक्ष
मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने भले ही 71 जिला अध्यक्ष तैयार कर लिए हैं लेकिन विरोध अभी जारी है। इस बीच जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष के कामकाज का हर 6 महीने में आकलन किया जाएगा। 6 महीने की रिपोर्ट कार्ड के आधार पर अध्यक्षों की किस्मत होगी। काम नहीं करने वाले अध्यक्ष भी बाहर होंगे, जैसा कि पिछले दिनों भोपाल, इंदौर सहित कई जिलों में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर विरोध हुआ था। अब उनके कामकाज की निगरानी भी कांग्रेस हाई कमान करने जा रही है।
छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, राहुल बोले- PM मोदी माफी मांगें, अमित शाह जिम्मेदार
शरद पवार का खुलासा: PM से हुई चर्चा के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कहानी में आया मोड़
नौकरी के नाम पर बना बंधक, युवकों की दर्दभरी कहानी सुन पुलिस भी रह गई हैरान
'यहां इस्तीफे नहीं होते'... लेकिन 12 साल में बदलते रहे मंत्री, जानिए पूरी कहानी
सीरिया में बड़ा सड़क हादसा, बस पलटने से 35 लोगों की गई जान
एक साथ 10 इस्तीफे, रालोद में उठे असंतोष के सुर, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
'धोखेबाज भतीजे' पर CM शुभेंदु का करारा प्रहार, सेबाश्रय शिविर घोटाले में दी चेतावनी
धर्मेंद्र प्रधान विवाद के बीच मायावती का बड़ा कमेंट, पार्टी कैडर को किया सतर्क