अलार्म चेन का दुरुपयोग: भोपाल मंडल में 3,300 से अधिक मामले दर्ज, रेल प्रशासन ने अपनाया सख्त रुख
भोपाल। यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता के उद्देश्य से भारतीय रेल प्रत्येक यात्री कोच में इमरजेंसी अलार्म चेन की सुविधा प्रदान करती है। यह सुविधा केवल गंभीर एवं वास्तविक आपात स्थिति में ट्रेन को रोककर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। किंतु हाल के दिनों में इस सुविधा के अनुचित उपयोग के मामले चिंताजनक रूप से बढ़ गए हैं, जिससे न केवल ट्रेनों का समयबद्ध संचालन प्रभावित हो रहा है, बल्कि अन्य यात्रियों को भी अनावश्यक असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक के मार्गदर्शन में भोपाल मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर रेलवे सुरक्षा बल द्वारा विशेष जागरूकता एवं चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान यात्रियों को नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ अलार्म चेन के अनुचित उपयोग पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है।
जुलाई 2025 तक के आँकड़ों के अनुसार भोपाल मंडल के रानी कमलापति, भोपाल, इटारसी, हरदा, विदिशा, बीना, गुना, शिवपुरी सहित अन्य स्टेशनों और आउटर क्षेत्रों में अलार्म चेन के दुरुपयोग के कुल 3,383 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 2,981 मामलों में रेलवे अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि शेष 402 मामलों की जाँच जारी है। कई मामलों में दोषियों को जेल भी जाना पड़ा है।
रेल अधिनियम की धारा 141 के अनुसार, बिना उचित कारण अलार्म चेन खींचने पर एक वर्ष तक का कारावास, 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है—"रेल की चेन कोई खिलौना नहीं, जिम्मेदारी से करें सफर"। यात्रियों से अपील है कि यात्रा के दौरान इमरजेंसी अलार्म चेन का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही करें, ताकि सभी की यात्रा सुरक्षित, समयबद्ध और सुगम बनी रहे।
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