रेपो रेट में गिरावट, लेकिन इन बैंकों की एफडी स्कीम्स बनीं निवेश का सुनहरा मौका
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से रेपो रेट में कटौती के बाद देश के बड़े सरकारी और प्राइवेट बैंकों ने एफडी पर ब्याज कम दिया है. फिक्स्ड डिपॉजिट के तहत होने वाली कमाई अब सीमित हो गई है. लेकिन इसी बीच देश के कुछ ऐसे बैंक भी हैं जो FD पर 8.8 प्रतिशत तक का ब्याज ऑफर कर रहे हैं. आइए उन बैंकों के बारे में और उनकी ओर से दिए जाने वाले इंट्रेस्ट रेट के बारे में बताते हैं.
देश के कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक हैं, जो कि सीनियर सिटीजन को एफडी पर शानदार ब्याज ऑफर कर रहे हैं. सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसे छोटे वित्त बैंकों की बात करें तो ये बैंक वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.80% और 8.70% की आकर्षक ब्याज दरें दे रहे हैं. इसके अलावा कई अन्य सार्वजनिक और निजी बैंक भी वरिष्ठ नागरिकों को FD पर अच्छा ब्याज दे रहे हैं.
रेपो रेट कट का FD पर असर
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से फाइनेंशियल ईयर 2025 में रेपो रेट में 100 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई है. जून 2025 की मीटिंग में RBI ने 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती की. वहीं, फरवरी और अप्रैल में हुई मॉनिटरी पॉलिसी की मीटिंग में 25-25 बेसिस प्वाइंट की कमी की है.
आरबीआई की ओर से जब से रेपो रेट में कमी की गई है. तबी से देश के लगभग सभी बड़े प्राइवेट और सरकारी बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में सुधार किया है. एफडी पर देने वाले ब्याज को रिवाइज किया है. क्योंकि जब-जब आरबीआई रेपो रेट कम करता है. बैंकों के ऊपर से भी दबाव कम होता है. वह कम इंट्रेस्ट रेट पर लोन देते हैं. बैंक FD पर ब्याज दरें कम कर देते हैं क्योंकि अब उन्हें फंड जुटाने के लिए ज्यादा ब्याज नहीं देना पड़ता है.
बाघ सप्ताह के अंतर्गत वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में पॉम पेंटिग प्रतियोगिता का आयोजन
सुशासन का ‘सेवा सेतु’: नेतानार के फूलसिंह और रामबती को आवेदन के दिन ही मिला विवाह प्रमाण पत्र
डिजिटल क्रांति से जगमगाया अबूझमाड़
बाहरी आडंबरों से अलग है दादाजी धूनीवाले धाम, जहां आध्यात्मिक शक्ति का होता है अनुभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से समय पर उपचार ने बचाई 4 वर्षीय मासूम की जान
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से दिव्यांग समझराम साहू को मिली बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल
निशातपुरा रेलवे स्टेशन से भोपाल के विकास को मिलेगी नई रफ्तार : मंत्री सारंग
जौहर यूनिवर्सिटी को राहत, ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक से टली कार्रवाई
पेपर लीक पर संसद में होगी बहस? सरकार-विपक्ष के बीच बनी सहमति के संकेत