किस्मत चमकानी है तो सावन में करें इस प्राचीन शिव मंदिर के दर्शन, जहां एक ही शिवलिंग में विराजते हैं शिव-पार्वती!
पीलीभीत: सावन का पवित्र महीना शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं. ऐसे में शिव भक्त कांवड़ यात्रा की तैयारियों में जुटे हैं तो कई लोग आसपास के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में दर्शन के लिए निकलने का प्लान बना रहे हैं. इन्हीं में से एक है उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में स्थित ऐतिहासिक गौरीशंकर मंदिर (Gaurishankar Mandir), जहां भगवान शिव और माता पार्वती के अर्धनारीश्वर स्वरूप के दर्शन एक ही शिवलिंग में होते हैं. यही वजह है कि यह मंदिर शिव भक्तों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र माना जाता है.
500 साल पुराना है यह मंदिर
पीलीभीत के खकरा और देवहा नदी के संगम के किनारे स्थित यह मंदिर न सिर्फ बेहद प्राचीन है, बल्कि अपनी अनूठी मान्यता के लिए भी प्रसिद्ध है. मंदिर के महंत पंडित जयशंकर शर्मा बताते हैं कि आज से करीब 500 साल पहले, इस इलाके में बसे बंजारों को खेतों में खुदाई के दौरान यह शिवलिंग मिला था. उस समय यह पूरा क्षेत्र घना जंगल था. शिवलिंग मिलने के बाद लोगों ने उसी जगह मंदिर बनवा दिया, जिसे आज लोग गौरीशंकर मंदिर के नाम से जानते हैं.
सावन में होती है भव्य सजावट, लाखों भक्त करते हैं जलाभिषेक
सावन का महीना शुरू होते ही ऐतिहासिक गौरीशंकर मंदिर में विशेष तैयारियां शुरू हो जाती हैं. हर सोमवार को भगवान शिव का भव्य श्रृंगार किया जाता है. महंत पंडित जयशंकर शर्मा के मुताबिक, हर सोमवार एक नई थीम के आधार पर बाबा गौरीशंकर का श्रृंगार किया जाएगा, जिसके बाद शाम 7:30 बजे भव्य आरती होगी. सावन में आसपास के इलाकों से लाखों श्रद्धालु गंगा घाटों से जल लाकर बाबा का जलाभिषेक करते हैं.
एक ही शिवलिंग में शिव और पार्वती के दर्शन
इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग बेहद खास है क्योंकि इसमें भगवान शिव और माता पार्वती दोनों के दर्शन होते हैं. यही वजह है कि इसे अर्धनारीश्वर स्वरूप कहा जाता है और मंदिर का नाम गौरीशंकर मंदिर पड़ा. सावन के दौरान इस मंदिर में देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं.
कैसे पहुंचें गौरीशंकर मंदिर
अगर आप पिथौरागढ़, टनकपुर या खटीमा की ओर से आ रहे हैं तो नकटादाना चौराहे से खकरा चौकी होते हुए मंदिर तक पहुंच सकते हैं. वहीं शाहजहांपुर, बरेली और लखीमपुर से आने वाले श्रद्धालु नौगवां चौराहे से बाजार के रास्ते गौरीशंकर मंदिर आसानी से पहुंच सकते हैं.
मूंग खरीदी पर सियासी घमासान तेज, केंद्र के फैसले पर एमपी सरकार ने उठाए सवाल
JDA की कार्रवाई के बीच पहुंचे विधायक, अवैध कब्जे हटाने को लेकर जमकर विवाद
विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर SC की टिप्पणी, ‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन अधिकार है’
एंटी पेपर लीक कानून पर बहस के बीच राहुल गांधी का बड़ा दांव, सरकार को घेरने की तैयारी
अब कब मैदान पर उतरेगी टीम इंडिया? जिम्बाब्वे दौरे के बाद दिसंबर तक का पूरा कार्यक्रम
गोरखपुर में बोटिंग के दौरान बड़ा हादसा, दो बोटों की भिड़ंत में गई पर्यटक की जान
अमेरिका-तुर्की रिश्तों में नया मोड़, S-400 हटाने की मांग बनी बड़ी बाधा
आइंस्टीन की महान खोज को मिली नई पुष्टि, वैज्ञानिकों ने फिर माना सिद्धांत सही