आकाशीय बिजली गिरने से पेड़ के नीचे खड़ी 27 बकरियों की मौत, 13 घायल
दमोह। दमोह जिले की जबेरा तहसील अंतर्गत आकाशीय बिजली गिरने से जंगल में चरने गईं 27 बकरियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं 13 बकरियां घायल हो गई हैं। घटना गुरुवार शाम करीब चार बजे की है। बकरियों की मौत होने के बाद पशुपालक पर आर्थिक संकट भी आ गया है। जानकारी के अनुसार नयागांव निवासी खेमचंद पिता गोकल पाल बकरी पालक अपनी बकरियों को लेकर नयागांव के जंगल में रोज की तरह चराने ले गए थे। अचानक मौसम परिवर्तित हो गया और तेज बारिश होने लगी बारिश से बचने के लिए 40 बकरियां एक पेड़ के नीचे खड़ी हो गईं। तभी आकाशीय बिजली पेड़ पर गिरी जिसमें 27 बकरियों की मौत हो गई और 13 घायल हो गई। वहीं पेड़ बिजली में झुलस गया। इस हादसे में बकरी पालक बाल बाल बच गया।
खेमचंद पाल ने बताया कि उसकी आजीविका का साधन बकरियां ही थीं। एक साथ इतनी सारी बकरियों की मौत हो गई जिससे परिवार का भरण-पोषण मुश्किल होगा। बकरी पालक ने अपनी जमीन बेचकर यह बकरियां खरीदी थी जो एक पल में आकाशीय बिजली गिरने से मृत हो गई और बकरी पालक को लाखों का नुकसान हुआ। घटना की सूचना बीट गार्ड द्वारा नोहटा पुलिस को दी गई है।
14 मिमी बारिश दर्ज
दमोह में गुरुवार को काफी तेज बारिश हुई। इससे जिले में पिछले 24 घंटे में 14 मिमी बारिश दर्ज की गई। गुरुवार दोपहर शहर में करीब एक घंटे तक बारिश हुई। उसके पहले सुबह से आसमान पर बादल छाए रहे। दोपहर 3 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ जो शाम 4 बजे तक जारी रहा। इसके बाद हल्की बूंदाबांदी होती रही। दिन का तापमान 30.2 डिग्री एवं रात का तापमान 25.6 डिग्री दर्ज किया गया।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक