एक युवक देश के गृहमंत्री अमित शाह का इस कदर दीवाना है कि उसने अपने सीने पर उनका टैटू बनवा रखा है
ग्वालियर: एक युवक देश के गृहमंत्री अमित शाह का इस कदर दीवाना है कि उसने अपने सीने पर उनका टैटू बनवा रखा है. अब उसकी एक ही इच्छा है कि वो केन्द्रीय मंत्री शाह से मिले. इसके लिए उसने करीब साढे तीन सौ किलोमीटर लंबी ग्वालियर से दिल्ली की पैदल यात्रा भी शुरू कर दी है. अमित शाह देश के लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद केन्द्रीय मंत्री का नंबर आता है. उन्हें राजनीति का चाणक्य कहा जाता है. अमित शाह के प्रति ग्वालियर शहर के एक युवक में गजब की दीवानगी देखने को मिली है.
युवक के सीने पर अमित शाह का टैटू
जुगल किशोर जोशी नामक इस युवक ने अपनी दीवानगी दिखाने के लिए अपने सीने पर अमित शाह का परमानेंट टैटू बनवाया है. उसे अपने सीने पर टैटू बनवाने में तकरीबन 6 घंटे का समय लगा. इस दौरान उसे दर्द भी हुआ. लेकिन अमित शाह के प्रति उसकी दीवानगी के सामने उसे यह दर्द फीका लगा. जुगल किशोर ने ग्वालियर से दिल्ली तक के लिए पैदल यात्रा शुरू कर दी है. वह दिल्ली जाकर अमित शाह से मुलाकात करना चाहता है.
अमित शाह को आदर्श मानता है जुगल किशोर
दिलचस्प बात यह है कि शहर में जब लोगों को पता चला कि एक युवा जुगल जोशी जो भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता भी है. इसके बाद हौसला अफजाई के लिए कई लोग उससे मिलने पहुंच गए. जुगल किशोर अमित शाह को अपना आदर्श मानता है. इसलिए उनसे मिलने की चाहत में उसे दिल्ली जाने के लिए प्रेरित किया है. जुगल जोशी अकेले नहीं जा रहे हैं, उनके साथ उनके चार साथी भी पैदल यात्रा कर रहे हैं. उन्हें जनता का बेहद प्यार मिल रहा है.
जगह-जगह पदयात्रा का स्वागत
जहां भी जुगल किशोर और उनके साथी जा रहे हैं उनका जगह-जगह गर्म जोशी के साथ युवा स्वागत कर रहे हैं. उनकी दिल्ली तक की पैदल यात्रा करीब एक सप्ताह में पूरी होगी. जुगल किशोर का मानना है कि, ''अमित शाह ने राजनीतिक संघर्ष जमीन से शुरू किया है इसलिए वह अर्श तक पहुंचे हैं. वह उनके राजनीतिक फैसलों से भी बेहद प्रभावित हैं.'' हालांकि केंद्रीय गृहमंत्री ने मिलने के लिए जुगल किशोर को कोई समय नहीं दिया है. लेकिन उसे उम्मीद है कि गृहमंत्री शाह उसे जरूर मिलेंगे.
हादसे के बाद प्रशासन सख्त, सुपरवाइजर पर गिरी गाज और कंपनी हुई ब्लैकलिस्ट
शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव! प्रल्हाद जोशी ने संभाला कार्यभार
'न कर्फ्यू-न दंगा, सब चंगा', योगी के बयान से मैनपुरी की सियासत गरमाई
कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा खुलासा! बोले- आंदोलन के पहले दिन इस्तीफा देना चाहते थे धर्मेंद्र प्रधान
अनियंत्रित कार बनी मौत का जाल, तालाब में डूबने से एक ही परिवार के 5 लोगों की जान गई